MP में 27 अगस्त 2023 की दोपहर तिलवारा थाना प्रभारी सरिता बर्मन और उनकी टीम वाहन चेकिंग कर रही थीं। तभी सूचना मिली कि ओडिशा से महाराष्ट्र की ओर करोड़ों रुपए का गांजा ले जा रहा एक ट्रक गुजरने वाला है। तुरंत पुलिस अलर्ट हो गई और संदिग्ध वाहन का इंतजार शुरू कर दिया।
कुछ ही देर बाद ट्रक क्रमांक CG 08 L-3830 तेज गति से आया। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने भागने की कोशिश की। तिलवारा थाना पुलिस ने ट्रक को घेराबंदी कर पकड़ा। जांच के दौरान ट्रक से लगभग 1200 किलो गांजा बरामद हुआ। ड्राइवर महेश कुमार और हेल्पर मोहम्मद शकील मंसूरी को मौके पर गिरफ्तार किया गया।
गांजा छिपाने का खास तरीका
जांच में सामने आया कि ट्रक में बड़ी-बड़ी लकड़ियों के बीच एक खुफिया रास्ता बनाया गया था, जिसमें गांजे के पैकेट छिपाए गए थे। पैकेट 5 किलो से लेकर 30 किलो तक के थे। पुलिस ने 40 मजदूरों की मदद से ट्रक खाली किया, तो गांजा की छुपाई गई बड़ी मात्रा का अंदाजा हुआ। पकड़े गए ड्राइवर और हेल्पर ने पुलिस को बताया कि गांजा ओडिशा से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और हरियाणा में सप्लाई किया जाना था। राजस्थान में भी डिलीवरी की योजना थी। दोनों आरोपियों ने ट्रक में गांजा छिपाने की पूरी योजना स्वीकार की।
विधानसभा चुनाव के समय बड़ी कार्रवाई
2023 में विधानसभा चुनाव होने के कारण जबलपुर आईजी उमेश जोगा के निर्देश पर पुलिस सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इस दौरान करोड़ों रुपए के गांजा को पकड़ा जाना बड़ी उपलब्धि माना गया। आईजी ने भी कहा कि तस्करों ने ट्रक को बड़े ही खुफिया तरीके से तैयार किया था, जिससे बाहर से कोई अंदाजा नहीं लगा सकता था।
दो साल की जांच और सुनवाई के बाद एनडीपीएस विशेष कोर्ट ने शनिवार को दोनों आरोपियों को 12-12 साल की कैद और डेढ़-डेढ़ लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में अभी भी कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
