MP में वित्तीय अनुशासन और योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभाग के बचे हुए बजट की राशि का आकलन कर वीकली प्लान तैयार करें और तय समय सीमा में पूरे बजट का उपयोग सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने साफ शब्दों में कहा कि वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में बजट लैप्स होना गंभीर विषय है। अधिकारियों को उपलब्ध राशि का यथार्थ मूल्यांकन कर प्राथमिकता के आधार पर खर्च की योजना बनानी होगी। हर सप्ताह की प्रगति की निगरानी की जाए, ताकि बजट का पूरा और प्रभावी उपयोग हो सके।
केंद्र सरकार से समन्वय बढ़ाने के निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि सभी विभागों के अधिकारी माह में कम से कम एक बार केंद्र सरकार में अपने विभाग से जुड़े ज्वाइंट सेक्रेटरी से अनिवार्य रूप से चर्चा करें। उन्होंने कहा कि केंद्र से संबंधित जो भी परियोजनाएं या योजनाएं लंबित हैं, या जिनमें समन्वय की आवश्यकता है, उन्हें सीधे केंद्र सरकार के संज्ञान में लाया जाए।
निगम, मंडल और बोर्ड की होगी समीक्षा
मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने विभागों के अंतर्गत आने वाले निगमों, मंडलों और बोर्ड की नियमित समीक्षा करें। इसके साथ ही वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर अमल की स्थिति की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए, ताकि वित्तीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सके।
बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि सत्र के दौरान पूछे जाने वाले सवालों और विभागीय विषयों की पूरी तैयारी रखी जाए। साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों की पूर्ति और कैबिनेट के निर्णयों पर अमल की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
केंद्रीय बजट के अनुरूप बनेंगी नई योजनाएं
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों से कहा कि वे केंद्रीय बजट के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए नई परियोजनाएं और योजनाएं तैयार करें। इन प्रस्तावों को समय रहते भारत सरकार को भेजा जाए, ताकि मध्यप्रदेश के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने दो टूक कहा कि सुशासन तभी संभव है, जब योजनाएं समय पर पूरी हों और बजट का सही उपयोग हो। अधिकारियों को अब परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनानी होगी।
