MP में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गई हैं। पहले दिन अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र संपन्न हुआ। परीक्षा को लेकर छात्रों में उत्साह के साथ हल्का तनाव भी देखने को मिला। इस वर्ष प्रदेश भर में करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे मध्य प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक कराई जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर समय से पहले छात्रों की एंट्री सुनिश्चित की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
नकल रोकने के लिए सख्त इंतजाम
परीक्षाओं को नकलमुक्त रखने के लिए इस बार कड़े इंतजाम किए गए हैं। फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती के साथ-साथ परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा थानों से प्रश्न-पत्र निकालने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
राजधानी भोपाल में 12वीं की परीक्षा के लिए 104 केंद्र बनाए गए हैं। मंगलवार को इन केंद्रों पर करीब 2600 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान कहीं से भी किसी बड़े व्यवधान या नकल की सूचना नहीं मिली, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।
10वीं-12वीं मिलाकर 16 लाख से ज्यादा छात्र
इस साल मध्य प्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं में कुल मिलाकर 16 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो रहे हैं। इनमें करीब 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे, जबकि लगभग 7 लाख छात्र कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठ रहे हैं।
इतनी बड़ी संख्या में होने वाली परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। परीक्षा केंद्रों की जांच, स्टाफ की ट्रेनिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रशासन का फोकस
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी परीक्षा प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उद्देश्य यही है कि सभी छात्र बिना किसी दबाव और डर के निष्पक्ष माहौल में परीक्षा दे सकें।
