राज्य सरकार ने किसानों को राहत देते हुए गेहूं का समर्थन मूल्य घोषित कर दिया है। इस वर्ष 2585 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी की जाएगी। यह समर्थन मूल्य पिछले साल की तुलना में 160 रुपए अधिक है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में गेहूं का उपार्जन 7 फरवरी से शुरू हो चुका है, जो 7 मार्च तक चलेगा। इसके लिए पूरे प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।
गेहूं का समर्थन मूल्य
मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट और सरकार के तीसरे अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा की गई। वित्त विभाग के अधिकारियों ने पहले मुख्यमंत्री के समक्ष और फिर कैबिनेट के सामने बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन दिया।
बैठक में आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी दिए जाने की भी संभावना है। सरकार शराब से राजस्व बढ़ाने से जुड़े फैसलों पर विचार कर सकती है। इसके साथ ही सोयाबीन की खरीदी के लिए समर्थन मूल्य तय कर किसानों से खरीदी करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर हुए आंकड़े
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 हो गई है, जबकि शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 37 पर आ गई है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत उपचार उपलब्ध कराने में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। एयर एंबुलेंस सेवा और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में भी लगातार प्रगति हो रही है। सिकल सेल उन्मूलन के लिए प्रदेश में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
विक्रमोत्सव और जल गंगा अभियान का आह्वान
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में विक्रमोत्सव और गुड़ी पड़वा का पर्व उत्साह के साथ मनाने का आह्वान किया। इसके बाद प्रदेश में तीन महीने तक चलने वाला जल गंगा अभियान शुरू किया जाएगा। मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में बेहतर समन्वय के निर्देश दिए गए हैं।
कैबिनेट से अनुमोदन के बाद वित्त वर्ष 2026-27 का बजट 18 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही अगली कृषि कैबिनेट बैठक बालाघाट में आयोजित करने पर भी सहमति बनी है।
