ग्वालियर में ट्रेड यूनियन की हड़ताल का असर बुधवार को बैंकिंग सेवाओं पर देखने को मिला। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की कुछ शाखाएं बंद रहीं, जबकि स्टेट बैंक और अन्य निजी बैंकों में सामान्य कामकाज जारी रहा। अलग-अलग बैंकों की स्थिति भिन्न होने से ग्राहकों में भ्रम की स्थिति भी बनी रही।
पीएनबी की शाखाएं बंद होने से कई लोगों को जरूरी काम के लिए इंतजार करना पड़ा। बैंक के बाहर खड़े भोपाल से आए युवराज शर्मा ने बताया कि उन्हें हड़ताल की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। “ज्यादातर बैंक खुले हुए हैं, इसलिए लगा कि काम हो जाएगा। भोपाल वापसी का टिकट भी करा लिया, लेकिन अब तक काम नहीं हो पाया,” उन्होंने कहा।
ग्वालियर में ट्रेड यूनियन हड़ताल
इधर शहर में लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने ट्रेड यूनियन के बैनर तले धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
प्रदर्शन के दौरान भारत-अमेरिका के बीच किसानों से जुड़ी व्यापारिक डील को समाप्त करने की मांग की गई। साथ ही मनरेगा को समाप्त करने के फैसले को श्रमिकों के हितों के खिलाफ बताया गया। यूनियन नेताओं का कहना था कि मनरेगा ग्रामीण मजदूरों के लिए सुरक्षा कवच है, जिसे कमजोर करना उचित नहीं है।
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
हड़ताल पर बैठे नेताओं ने दावा किया कि यह आंदोलन केवल ग्वालियर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में श्रमिक संगठन विरोध कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो चरणबद्ध आंदोलन तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर दिल्ली कूच करने की भी बात कही गई।
सभी बैंकों के बंद नहीं होने से शहर में पूरी तरह कामकाज ठप नहीं हुआ, लेकिन जिन ग्राहकों का काम पीएनबी से संबंधित था, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल का असर आंशिक रहा, पर आंदोलन ने श्रमिक संगठनों की नाराजगी को स्पष्ट कर दिया।
