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NDPS मामले में हाईकोर्ट सख्त: पुलिस जांच पर उठाए सवाल, शिवपुरी में TI समेत चार अधिकारी लाइन अटैच

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Published On: 12 February 2026

ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बुधवार को शिवपुरी जिले से जुड़े एनडीपीएस प्रकरण की सुनवाई के दौरान पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। अदालत ने टिप्पणी की कि जांच का तरीका सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने जैसा प्रतीत होता है। कोर्ट की सख्त नाराजगी के बाद जिला पुलिस महकमे में हलचल मच गई।

कोर्ट के आदेश के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने तत्काल प्रभाव से देहात थाना प्रभारी, एक निरीक्षक और तीन उप निरीक्षकों को लाइन अटैच कर दिया। विभागीय स्तर पर आगे की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

NDPS मामले में हाईकोर्ट सख्त

सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने कहा कि अक्सर पुलिस केवल ड्राइवर या कैरियर को पकड़कर जांच पूरी मान लेती है, जबकि असली सरगना तक पहुंचने का प्रयास नहीं किया जाता। अदालत ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थ तस्करी जैसे मामलों में सप्लाई चेन की पूरी पड़ताल जरूरी है।

यह मामला 1209 किलोग्राम पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है, जिसे इंदौर से चंडीगढ़ भेजा जा रहा था। कोर्ट ने पाया कि न तो माल भेजने वालों की गहन जांच की गई और न ही इसे प्राप्त करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया गया। इस लापरवाही को गंभीर माना गया।

62 सैंपल बैग गायब होने पर चिंता

सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि थाने से 62 सैंपल बैग गायब हो गए थे। इस पर कोर्ट ने विशेष चिंता जताई और कहा कि ऐसे मामलों में साक्ष्यों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। सैंपल बैग का गायब होना जांच की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद अब विभागीय जांच की दिशा पर सबकी नजर है। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि एनडीपीएस मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस विभाग के लिए यह मामला कार्यप्रणाली सुधारने की बड़ी चुनौती बन गया है।

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