जबलपुर में चर्चित करोड़ों रुपये की संपत्ति विवाद के बीच डॉ. हेमलता श्रीवास्तव इन दिनों मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। चिकित्सकों के मुताबिक उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है और लगातार निगरानी में रखा गया है। इधर, उनके नाम से जुड़ी संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद ने प्रशासन को सक्रिय कर दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व अमला हरकत में आया है। एसडीएम कोर्ट में प्रकरण दर्ज कर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जमीन के नामांतरण और दानपत्र से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
जबलपुर एसडीएम कोर्ट
एसडीएम कोर्ट ने दानपत्र के जरिए जमीन अपने नाम कराने वाले डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी डॉ. प्राची जैन को नोटिस जारी किया है। नोटिस की तामील अगले दो-तीन दिनों में कराए जाने की तैयारी है। प्रशासन यह जानना चाहता है कि दानपत्र किन परिस्थितियों में तैयार हुआ और उसके आधार पर नामांतरण की प्रक्रिया कैसे पूरी की गई।
परिवार और निगम
नोटिस पाने वालों में डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की दोनों बहनें भी शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम जबलपुर के संपदा विभाग को भी पक्षकार बनाया गया है। सभी को संबंधित दस्तावेजों के साथ एसडीएम कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि दस्तावेजों के मिलान और रिकॉर्ड की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
दस्तावेजों की वैधता
पूरे प्रकरण में मुख्य सवाल दानपत्र की वैधता और जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया को लेकर है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल प्रशासन तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच का दावा कर रहा है।
यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर डॉ. हेमलता का स्वास्थ्य चिंता का विषय है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद कानूनी मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में एसडीएम कोर्ट की सुनवाई और दस्तावेजों की जांच से स्थिति और स्पष्ट होगी।
