इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में 11 फरवरी की सुबह उस समय सनसनी फैल गई थी, जब एक कारखाने में काम करने वाले कर्मचारी का शव रेलवे पटरी के पास पड़ा मिला। मृतक की पहचान खोजराम नारगे के रूप में हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या, अवैध संबंध, लूट और रंजिश सहित सभी संभावित पहलुओं पर जांच की।
डीसीपी राजेश व्यास के निर्देशन में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों की पहचान की। जांच के बाद भागीरथपुरा निवासी भरत और उसके एक साथी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि घटना की रात शराब पीने के दौरान मृतक और आरोपियों के बीच विवाद हुआ था, जो इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस की लगातार निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन्हें पकड़ लिया गया।
इंदौर: भागीरथपुरा हत्याकांड का खुलासा
पुलिस के अनुसार खोजराम मूल रूप से छत्तीसगढ़ का रहने वाला था और परिवार के साथ भागीरथपुरा में रह रहा था। परिवार में पत्नी, बच्चे और बहन शामिल हैं। वह एक फ्रेम बनाने के कारखाने में काम करता था। 10 फरवरी की रात उसने शराब पी थी और मटन लेने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। अगले दिन सुबह उसका शव रेलवे पटरी के पास मिला। मौके पर पहुंची उसकी बहन ने ही शव की पहचान की थी।
आगे और खुलासे की तैयारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि विवाद अचानक हुआ या इसके पीछे पहले से कोई रंजिश थी। फिलहाल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले में और तथ्य सामने लाए जाएंगे।
