देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) में रैगिंग के गंभीर मामले में प्रशासन ने अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई की है। बीटेक प्रथम वर्ष के चार छात्रों को संस्थान से सीधे निष्कासित कर दिया गया है। ये छात्र अब न केवल IET में अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाएंगे, बल्कि भविष्य में भी उन्हें यहां प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। संस्थान द्वारा सभी को स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) जारी किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, निष्कासित किए गए छात्र तीन महीने पहले हॉस्टल में लगे 14 सीसीटीवी कैमरों की तोड़फोड़ और चोरी के मामले में भी शामिल पाए गए थे। प्रशासन का कहना है कि इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पूरी जांच के बाद ही निर्णय लिया गया है। यह कार्रवाई संस्थान की अनुशासन नीति को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
IET में रैगिंग पर बड़ी कार्रवाई
बीटेक सेकंड ईयर के आठ अन्य छात्रों को भी रैगिंग में शामिल पाए जाने पर हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। इन पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यदि जुर्माना निर्धारित समय में जमा नहीं किया गया तो प्रतिदिन 100 रुपए अतिरिक्त पेनल्टी देनी होगी। साथ ही एक सेमेस्टर की परीक्षा से वंचित किए जाने का भी प्रावधान रखा गया है।
मानसिक उत्पीड़न के आरोप
शिकायत के अनुसार, डी-हॉस्टल में सीनियर छात्र जूनियर्स को जबरन सिगरेट पीने के लिए मजबूर करते थे। मना करने पर उन्हें ‘बैच आउट’ करने की धमकी दी जाती थी। जूनियर्स को सिर झुकाकर बात करने, हाथ जोड़कर खड़े रहने और हर आदेश मानने के लिए विवश किया जाता था। इतना ही नहीं, उन्हें सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों से भी दूर रखा जाता था, जिससे मानसिक दबाव लगातार बढ़ता रहा।
प्रशासन ने दी कड़ी चेतावनी
IET के डायरेक्टर डॉ. प्रदोष बंसल ने बताया कि सभी शिकायतें सही पाई गईं। तथ्यों की पुष्टि के बाद ही यह कठोर निर्णय लिया गया है। मामले की फाइल अंतिम स्वीकृति के लिए कुलपति प्रो. राकेश सिंघई को भेजी गई है। यह पहली बार है जब रैगिंग के मामले में चार छात्रों को सीधे निष्कासित किया गया है। इससे पहले अधिकतम एक या दो सेमेस्टर का निलंबन ही होता था।
प्रशासन ने भविष्य में रैगिंग रोकने के लिए सात नए नियम लागू करने की घोषणा की है। दोषी पाए जाने पर सीधे निष्कासन, भारी आर्थिक दंड, सहयोगियों पर भी कार्रवाई, तत्काल हॉस्टल खाली कराना, हर माह रात में औचक निरीक्षण और प्रत्येक तीन माह में जूनियर्स के साथ प्रशासनिक बैठक जैसे प्रावधान शामिल हैं।
पहले भी सामने आए थे मामले
25 अगस्त को एक जूनियर छात्र की पिटाई के मामले में पांच छात्रों को निलंबित किया गया था। 30 सितंबर को साजिश रचने का मामला पुलिस तक पहुंचा। 1 अक्टूबर को हॉस्टल से भागने, गार्ड को धमकाने और 16 कैमरे तोड़ने की घटना भी सामने आई थी। लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद यह सख्त फैसला लिया गया है।
