इंदौर के महालक्ष्मी नगर स्थित एक निजी नशा मुक्ति केंद्र में रविवार देर शाम एक उद्योगपति की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान एलएक्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के डायरेक्टर आयोग पटेरिया (50) के रूप में हुई है। बताया गया है कि वे नशा मुक्ति उपचार के लिए सेंटर पहुंचे थे, लेकिन करीब दो घंटे बाद ही उन्हें तेज सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत हुई। हालत गंभीर होने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
सेंटर से उन्हें तत्काल Maharaja Yeshwantrao Hospital ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि की है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और करीबी मित्र अस्पताल पहुंच गए। अचानक हुई इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है।
इंदौर में रिहैब सेंटर में उद्योगपति की मौत
हीरानगर पुलिस के अनुसार आयोग पटेरिया शालीमार सुखलिया क्षेत्र के निवासी थे। दोस्तों ने बताया कि वे पिछले कुछ समय से कामकाज के दबाव के चलते अवसाद में थे। इसी दौरान उन्हें नशे की लत लग गई थी। वे इस आदत से परेशान थे और इसे छोड़ने का प्रयास कर रहे थे। पत्नी और पिता से चर्चा के बाद उन्होंने उपचार के लिए रिहैब सेंटर जाने का फैसला किया था। परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं, जो एक निजी स्कूल में पढ़ाई करती है।
आयोग के पिता रामकुमार पटेरिया राज्य शासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वे विदिशा के एक सरकारी अस्पताल में वरिष्ठ पद पर कार्यरत रहे और Ratlam Municipal Corporation में कमिश्नर की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे बैतूल स्थित अपने पैतृक निवास पर रहते हैं और इंदौर आना-जाना लगा रहता था।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की विस्तृत जानकारी सामने आएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि मृतक किस प्रकार के तनाव से गुजर रहे थे। फिलहाल घटना को प्राकृतिक मृत्यु मानते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
