सोमवार को इंदौर नगर निगम आयुक्त Kshitij Singhal ने शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने देवगुराडिया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड से लेकर बिचोली हैप्सी के सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र तक विभिन्न प्लांट्स का दौरा कर व्यवस्थाओं की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने सबसे पहले ट्रेंचिंग ग्राउंड में संचालित Nepra Resource Management प्लांट का निरीक्षण किया। यहां सूखे कचरे को अलग-अलग करने और उसके निपटान की प्रक्रिया देखी। उन्होंने रोजाना आने वाले कचरे की मात्रा, कर्मचारियों की संख्या, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और कार्यस्थल की स्वच्छता पर सवाल किए। साथ ही सीएंडडी (C&D) वेस्ट के संकलन, प्रोसेसिंग और उससे तैयार होने वाले पेवर ब्लॉक्स के उपयोग की जानकारी भी ली।
इंदौर नगर निगम आयुक्त
इसके बाद आयुक्त बिचोली हैप्सी स्थित सिटी फॉरेस्ट ग्रीन वेस्ट प्लांट पहुंचे। यहां ग्रीन वेस्ट के संग्रहण, उसकी प्रोसेसिंग और बुरादे के उपयोग की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने बायो फ्यूल और पैलेट निर्माण की जानकारी भी ली। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा इंतजामों में कमी और प्रोसेसिंग की धीमी रफ्तार पर उन्होंने संबंधित एजेंसी को फटकार लगाई और काम में सुधार के निर्देश दिए।
बायो सीएनजी प्लांट की कार्यप्रणाली जानी
आयुक्त ने बायो सीएनजी गैस प्लांट का भी निरीक्षण किया। यहां गीले कचरे की मात्रा, वेटिंग सिस्टम, अपशिष्ट से गैस उत्पादन की प्रक्रिया, मशीनरी संचालन, गैस आउटपुट और वितरण व्यवस्था की पूरी जानकारी ली। उन्होंने गैस के उपयोग और उसकी आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया।
सिटी फॉरेस्ट का अवलोकन
निरीक्षण के दौरान स्वच्छता परी परिसर और सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र का भी जायजा लिया गया। यहां विकसित किए गए फॉरेस्ट एरिया के रखरखाव और संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। आयुक्त के साथ अपर आयुक्त प्रखर सिंह, यंत्री सुमित अस्थाना, सौरभ माहेश्वरी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
नगर निगम का कहना है कि शहर में कचरा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए नियमित निरीक्षण जारी रहेंगे। कर्मचारियों की सुरक्षा, मशीनों की कार्यक्षमता और प्रोसेसिंग की गति में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
