भोपाल रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को यात्रियों की संख्या ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, आम दिनों में जहां प्रतिदिन 22 से 25 हजार जनरल टिकट जारी होते हैं, वहीं शुक्रवार को यह आंकड़ा बढ़कर करीब 42 हजार पहुंच गया। अचानक बढ़ी इस भीड़ का मुख्य कारण सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम से लौट रहे श्रद्धालु रहे। टिकटों की बढ़ती संख्या का सीधा असर स्टेशन परिसर की व्यवस्थाओं पर भी दिखाई दिया।
टिकट बिक्री बढ़ने के साथ ही प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और होल्डिंग एरिया यात्रियों से भर गए। प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर बनाए गए होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक रही। शाम के समय ट्रेनों की आवाजाही तेज होने के बावजूद भीड़ इतनी ज्यादा थी कि यात्रियों को जहां जगह मिली, वहीं बैठकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। कई यात्री फर्श पर बैठते और दीवार से टिककर इंतजार करते नजर आए।
भोपाल रेलवे स्टेशन
स्टेशन के एग्जीक्यूटिव लाउंज से लेकर पॉड होटल के बाहर बने वेटिंग एरिया तक श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखी गई। परिवारों के साथ लौट रहे यात्रियों के कारण सामान भी काफी मात्रा में था, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। कुछ ट्रेनों के देरी से आने के कारण प्लेटफॉर्म पर रुकने का समय भी बढ़ गया और भीड़ का दबाव लगातार बना रहा।
एक लाख तक पहुंची कुल आवाजाही
रेल अधिकारियों के अनुसार, सामान्य दिनों में स्टेशन पर 60 से 70 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है। शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर करीब एक लाख तक पहुंच गई। देर शाम तक सीहोर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। ट्रेनों में चढ़ने-उतरने के दौरान भी काफी धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही।
भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त बल तैनात
स्थिति को संभालने के लिए रेलवे स्टाफ और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई। प्लेटफॉर्म पर पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैले। हालांकि भीड़ इतनी अधिक थी कि व्यवस्था बनाए रखने में कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों और बेहतर प्रबंधन की योजना बनाई जाएगी।
