ग्वालियर में वेतन भुगतान में देरी से नाराज ग्वालियर नगर निगम के विनियमित कर्मचारियों ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे घर की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। बड़ी संख्या में कर्मचारी निगम परिषद का घेराव करने पहुंच गए और मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने आटे, चावल, दाल और नमक के खाली कनस्तर बजाकर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि वेतन न मिलने से घर का राशन तक जुटाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने तख्तियां लेकर नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल भुगतान की मांग की। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई और परिवार के खर्चों पर भी असर पड़ रहा है।
ग्वालियर नगर निगम
स्थिति की जानकारी मिलते ही नगर निगम के सभापति मनोज सिंह तोमर मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से चर्चा की और भरोसा दिलाया कि वेतन संबंधी समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रक्रिया पूरी होते ही बकाया राशि जारी कर दी जाएगी। हालांकि कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध समाधान चाहिए।
साधारण सभा की बैठक स्थगित
शुक्रवार को नगर निगम की साधारण सभा आयोजित की गई थी, जिसमें शहर विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी। कांग्रेस और भाजपा के पार्षद बैठक में शामिल होने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शन और कार्यालय में तालाबंदी जैसी स्थिति के कारण कई पार्षद बाहर ही फंसे रह गए। कोरम पूरा न होने के कारण बैठक को 23 मार्च तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित भुगतान के कारण वे मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं। अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि कर्मचारियों की मांगों पर कब तक ठोस निर्णय लिया जाता है।
