सिहोरा जो जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर है, गुरुवार देर रात अचानक तनाव की चपेट में आ गया। दो पक्षों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते पत्थरबाजी में बदल गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए। एहतियातन प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया, जिससे स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
शुक्रवार को जुम्मे की नमाज को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। करीब 600 से अधिक पुलिसकर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया। शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकाला गया, ताकि लोगों में विश्वास कायम रहे और किसी भी तरह की अफवाह पर रोक लगाई जा सके। पुलिस अधिकारियों ने लगातार हालात की निगरानी की और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी।
सिहोरा में 49 आरोपी गिरफ्तार
घटना के सिलसिले में अब तक 49 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को ज्ञापन सौंपते हुए कुछ संगठनों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
धरना और धार्मिक आयोजन
बस स्टैंड चौराहे पर बजरंग दल के करीब 300 कार्यकर्ताओं ने धरना देते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया। वहीं, हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने एकत्र होकर मस्जिद कमेटी के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि किसी भी तरह की उकसावे की कार्रवाई पर सख्ती से निपटा जाएगा।
ऐसे बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार मंदिर में आरती और मस्जिद में अजान एक साथ होने के दौरान कहासुनी शुरू हुई थी। आरोप है कि मस्जिद की ओर से 30-40 युवक बाहर आने के बाद विवाद ने उग्र रूप ले लिया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि स्थिति फिलहाल सामान्य है, पर्याप्त बल तैनात है और धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है।
