मौसम के बदलने के साथ ही स्किन केयर में बदलाव जरूरी हो जाता है। सर्दियों के बाद बसंत और गर्मियों में तापमान बढ़ता है, हवा में धूल-मिट्टी और परागकण ज्यादा होते हैं और उमस भी बढ़ जाती है। इस दौरान अगर सही स्किन केयर न करें तो त्वचा बेजान, रूखी या पिंपल्स वाली हो सकती है। छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर त्वचा को अंदर से हेल्दी और ग्लोइंग रखा जा सकता है।
सर्दियों या बदलते मौसम में त्वचा का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रोजाना पर्याप्त पानी पीना, हल्का मॉइस्चराइज़र लगाना और संतुलित आहार लेना त्वचा को हाइड्रेटेड और हेल्दी बनाए रखता है।
मौसम में स्किनकेयर
बिना मेकअप के नेचुरल ग्लो पाने के लिए सबसे पहले अपनी स्किन केयर रूटीन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। रोजाना अच्छे क्लेंज़र से चेहरे को साफ़ करें, हल्का एक्सफोलिएट करें ताकि मृत त्वचा हटे और त्वचा खुद से ही चमकने लगे। इसके साथ ही हाइड्रेशन पर फोकस करें, खूब पानी पिएं और मॉइस्चराइज़र का नियमित इस्तेमाल करें ताकि त्वचा मुलायम और तैलीय ना दिखे। पौष्टिक आहार जैसे फल, सब्ज़ियाँ और ओमेगा‑3 युक्त चीज़ें त्वचा को अंदर से पोषण देती हैं। साथ ही सनस्क्रीन का उपयोग करें ताकि सूरज की हानिकारक किरणें त्वचा को डैमेज ना करें। पर्याप्त नींद और स्ट्रेस कंट्रोल भी आपकी त्वचा की प्राकृतिक चमक को बनाए रखने में मदद करते हैं।
जरूरी टिप्स
- सर्दियों में त्वचा पर डेड स्किन जमा हो जाती है, इसलिए हल्का एक्सफोलिएशन करना जरूरी है ताकि त्वचा स्वस्थ और सांस लेने लायक बनी रहे। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हफ्ते में 1–2 बार AHA या BHA वाले लिक्विड एक्सफोलिएंट का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे त्वचा की डलनेस कम होती है और वह स्मूद व साफ दिखती है। हालांकि, ज्यादा स्क्रब करने से त्वचा को नुकसान हो सकता है।
- चेहरे को धोने के बाद त्वचा की नमी वापस लाना बेहद जरूरी है। इसके लिए विटामिन-C या हाइलूरोनिक एसिड वाला टोनर लगाएं और फिर एंटीऑक्सीडेंट सीरम जैसे विटामिन-C या ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट इस्तेमाल करें। इससे त्वचा का टोन एक समान होता है, दाग-धब्बे हल्के पड़ते हैं और नेचुरल ग्लो वापस आता है।
- हेल्थ और ब्यूटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि सर्दियों में इस्तेमाल होने वाली हैवी क्रीम्स बदलते मौसम में त्वचा के लिए हानिकारक हो सकती हैं क्योंकि ये पोर्स को बंद कर देती हैं। ऐसे में अब हल्के जेल-बेस्ड या लाइट मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना बेहतर है, जिससे त्वचा चिपचिपी नहीं होगी और पिंपल्स की समस्या भी कम होगी।
- सूरज की तेज़ रोशनी न भी हो, लेकिन यूवी किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए विशेषज्ञ रोजाना SPF 50 वाला सनस्क्रीन लगाने की सलाह देते हैं। इसे घर से बाहर निकलने से 15–20 मिनट पहले लगाना चाहिए और हर 2–3 घंटे बाद दोबारा लगाना बेहतर रहता है। इससे न सिर्फ टैनिंग से बचाव होता है, बल्कि झुर्रियों और समय से पहले उम्र बढ़ने के प्रभाव से भी सुरक्षा मिलती है।
- बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम के कारण एलर्जी के मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क पहनना, धूल और धुएँ वाले क्षेत्रों में कम समय बिताना और घर को साफ-सुथरा रखना जरूरी है। वहीं, एलर्जी से बचने के लिए पौष्टिक आहार, पर्याप्त पानी और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए दवा या उपचार का पालन करना मददगार साबित होता है। इन सावधानियों से आप स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बच सकते हैं।
