एमवाय मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव को नोटिस जारी कर अस्पताल परिसर में बिल्लियों की मौजूदगी पर गंभीर आपत्ति जताई है। नोटिस में कहा गया है कि ओपीडी और अन्य हिस्सों में पशुओं की आवाजाही संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता व्यवस्था और जैव सुरक्षा मानकों के लिए खतरा है। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा नोटिस है, जिससे प्रशासन की सख्ती साफ झलकती है।
नोटिस में विशेष रूप से अस्पताल के स्टेराइल जोन, वार्ड और HIV/ART जैसे संवेदनशील उपचार क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है। डीन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे स्थानों पर किसी भी पशु की मौजूदगी जैविक जोखिम की श्रेणी में आती है। इससे न केवल मरीजों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है, बल्कि संस्थान की प्रतिष्ठा पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
एमवाय अस्पताल
डीन ने सुपरिटेंडेंट को पूरे अस्पताल परिसर का विस्तृत निरीक्षण कर पशुओं की मौजूदगी पूरी तरह समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हाउसकीपिंग और पेस्ट कंट्रोल एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और इस संबंध में तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है। प्रशासन चाहता है कि व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई न रहे।
दैनिक राउंड और रिपोर्ट अनिवार्य
नोटिस में यह भी निर्देशित किया गया है कि सुपरिटेंडेंट स्वयं प्रतिदिन अस्पताल का राउंड लें और संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता व सुरक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी करें। की गई कार्रवाई की दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना भी अनिवार्य किया गया है। इससे स्पष्ट है कि प्रबंधन अब नियमित मॉनिटरिंग के जरिए हालात सुधारने की कोशिश में है।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी प्रिवेंटिव एक्शन प्लान तैयार कर उसे कड़ाई से लागू करने को कहा गया है। डीन ने समयबद्ध और सख्त पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पहले भी जारी हो चुका है नोटिस
इससे पहले अस्पताल में गंदगी और ट्रैफिक के बीच स्ट्रेचर पर मरीज ले जाने का वीडियो वायरल होने के मामले में भी सुपरिटेंडेंट को नोटिस जारी किया गया था। हालांकि वायरल वीडियो में दिख रहा स्ट्रेचर किस अस्पताल का था, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है।
