हर्षवर्धन नगर इन दिनों भक्ति रस में सराबोर है। यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक कथा पंडाल में भजन-कीर्तन और प्रवचन का वातावरण बना रहता है। कथा वाचक द्वारा भागवत के प्रसंगों का सरल और भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है, जिससे श्रोता आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर रहे हैं।
आयोजकों ने बताया कि कथा का समापन 24 फरवरी को प्रसादी भंडारे के साथ किया जाएगा। समापन दिवस पर विशेष पूजन, आरती और हवन का आयोजन भी प्रस्तावित है। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण और भंडारे की व्यवस्था रहेगी। समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
श्रीमद्भागवत कथा का समापन
कथा आयोजन में शामिल होने के इच्छुक लोग आज भी पंडाल पहुंच सकते हैं। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम सभी के लिए खुला है और किसी प्रकार का पंजीकरण आवश्यक नहीं है। परिवार सहित पहुंचकर श्रद्धालु कथा श्रवण का लाभ उठा सकते हैं। आयोजन स्थल पर बैठने और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
बढ़ रही सामाजिक एकता
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में एकजुटता और सहयोग की भावना भी मजबूत करते हैं। कथा के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग परिवारों और समाजसेवियों द्वारा सहयोग दिया जा रहा है। इससे क्षेत्र में सामूहिक भागीदारी का माहौल बना हुआ है।
भंडारे की तैयारियां पूरी
समापन दिवस को लेकर भंडारे की तैयारियां जोरों पर हैं। रसोई व्यवस्था से लेकर वितरण तक के लिए स्वयंसेवकों की टीम बनाई गई है। आयोजकों ने बताया कि प्रसादी पूरी तरह सात्विक होगी और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे अनुशासन बनाए रखें और व्यवस्था में सहयोग करें।
कथा के चलते हर्षवर्धन नगर इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है। प्रतिदिन होने वाली आरती और भजन से वातावरण भक्तिमय हो रहा है। समापन दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
