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ग्वालियर में बदला मौसम का मिजाज, तेज धूप के बीच आंधी-बादल; ओलावृष्टि की आशंका से किसान चिंतित

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Published On: 24 February 2026

ग्वालियर में मंगलवार सुबह से मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आया। कहीं तेज धूप खिली तो कुछ ही देर में आसमान पर बादल छा गए। ठंडी हवाओं के साथ तेज आंधी चलने से लोगों को दिनभर गर्मी और ठंडक का मिला-जुला अहसास होता रहा। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में इस उतार-चढ़ाव ने शहरवासियों को असमंजस में डाल दिया है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय घेरे का असर उत्तर भारत के मौसम पर भी पड़ रहा है। इसके चलते हवाओं का रुख दक्षिण-पूर्वी हो गया है। साथ ही अरब सागर से आ रही नमी वातावरण में अस्थिरता पैदा कर रही है। यही वजह है कि बादल अचानक बन रहे हैं और मौसम पल-पल बदल रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगले एक-दो दिन तक इसी तरह की स्थिति बनी रह सकती है।

ग्वालियर में बदला मौसम का मिजाज

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि बारिश होती है तो ओलावृष्टि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस समय क्षेत्र में गेहूं और अन्य रबी फसलें पककर खेतों में खड़ी हैं। ऐसे में ओले गिरने की स्थिति में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान मौसम की हर अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं और फसल को सुरक्षित रखने के उपायों पर विचार कर रहे हैं।

अस्पतालों में बढ़े सर्दी-जुकाम के मरीज

मौसम में अचानक आए बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। शहर के अस्पतालों और क्लीनिकों में सर्दी, जुकाम, गले में खराश और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि दिन में गर्मी और शाम को ठंडी हवा चलने से वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से गुनगुना पानी पीने, गरम और ताजा भोजन करने तथा हल्की ठंड से बचाव के लिए शरीर को ढककर रखने की अपील की है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को बदलते मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम की इस अनिश्चितता के बीच प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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