इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1 करोड़ 31 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक रिटायर्ड इंजीनियर की शिकायत पर आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोप है कि निवेश पर मोटे मुनाफे का लालच देकर उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप से जोड़ा गया और अलग-अलग बहानों से बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई।
पुलिस के मुताबिक 62 वर्षीय राजेश शर्मा, जो नंदानगर के निवासी हैं और सरकारी विभाग से इंजीनियर पद से सेवानिवृत्त हैं, अगस्त 2025 में मोबाइल पर वॉट्सऐप और फेसबुक देख रहे थे। इसी दौरान उन्हें शेयर मार्केट में डेली प्रॉफिट का दावा करने वाला एक विज्ञापन लिंक मिला। लिंक पर क्लिक करते ही उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां नियमित मुनाफे और सुरक्षित निवेश का भरोसा दिया गया।
इंदौर में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग
आरोप है कि शुरुआत में 1 लाख रुपए से ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया गया। सितंबर 2025 में 11 लाख रुपए और जमा कराए गए। इसके बाद आरोपी ने निवेश बढ़ाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इन्वेस्टमेंट, कमीशन, टैक्स और सिक्योरिटी एडवांस जैसे अलग-अलग नामों पर कुल 1 करोड़ 31 लाख रुपए 12 विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए। पीड़ित को एक ट्रेडिंग ऐप में उनका पोर्टफोलियो 1 करोड़ 85 लाख रुपए दिखाया गया, जिससे उन्हें भरोसा होता रहा कि निवेश सुरक्षित है।
रकम निकालने पर टालमटोल
जब पीड़ित ने मुनाफे की राशि निकालने की बात कही तो आरोपी ने “सिक्योरिटी रीजन” बताकर भुगतान टाल दिया। इसके बाद भी अलग-अलग नामों से पैसे जमा कराने की मांग की जाती रही। आखिरी तीन भुगतान के बाद आरोपी ने मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया और कॉल भी रिसीव नहीं किए। 6 जनवरी 2026 को पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया गया। परिचितों से चर्चा के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी यशस्विनी जिंदल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की पड़ताल जारी है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर निवेश से जुड़े किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और अनजान खातों में रकम ट्रांसफर करने से बचें।
