राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में मंगलवार देर रात एक लैब संचालक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी बुधवार तड़के उस समय सामने आई जब पत्नी नींद से जागी और कमरे में पति को फंदे पर लटका देखा। इसके बाद परिजनों और पड़ोसियों की मदद से शव को नीचे उतारा गया और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान पुष्पेंद्र दोरे (40) के रूप में हुई है, जो कोलार रोड स्थित गिरधर अपार्टमेंट में परिवार के साथ रहते थे। वे निजी लैब का संचालन करते थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात खाने को लेकर पत्नी से उनका मामूली विवाद हुआ था। नाराज होकर वे घर से बाहर चले गए थे। परिवार को यह अंदाजा भी नहीं था कि बात इतनी बढ़ जाएगी।
भोपाल के कोलार में लैब संचालक
जानकारी के अनुसार देर रात वे चुपचाप घर लौटे। परिवार के अन्य सदस्य सो चुके थे। उसी दौरान उन्होंने एक कमरे में फांसी लगा ली। सुबह जब पत्नी उठीं तो घटना का पता चला। दो छोटे बेटे, जो स्कूल में पढ़ते हैं, इस घटना से गहरे सदमे में हैं। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार सामान्य और शांत स्वभाव का था, किसी बड़े तनाव की जानकारी पहले कभी सामने नहीं आई।
जांच जारी
घटना की सूचना मिलने पर कोलार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। बुधवार दोपहर पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि पारिवारिक, आर्थिक और अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
मानसिक तनाव पर विशेषज्ञों की चिंता
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों को लेकर मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि छोटी दिखने वाली पारिवारिक बात भी कभी-कभी गहरे मानसिक तनाव का कारण बन सकती है। समय रहते संवाद और परामर्श की मदद लेना जरूरी है। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर परिवार या मित्रों से खुलकर बात करें और जरूरत पड़े तो पेशेवर सहायता लें।
