,

भोपाल में 23% डॉक्टरों के पद खाली, एक भी स्किन स्पेशलिस्ट नहीं; मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

Author Picture
Published On: 25 February 2026

राजधानी भोपाल की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का एक चिंताजनक पहलू सामने आया है। जिला स्वास्थ्य विभाग के तहत संचालित अस्पतालों में करीब 23 प्रतिशत डॉक्टरों के पद खाली हैं। यह जानकारी विधानसभा 2026 के प्रश्नोत्तर सत्र में सामने आई। सबसे हैरानी की बात यह है कि जिला स्तर के किसी भी अस्पताल में आज तक एक भी चर्म रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हो सकी है।

चर्म रोग से पीड़ित मरीजों को मजबूरन अन्य विशेषज्ञों से इलाज कराना पड़ रहा है या फिर उन्हें AIIMS Bhopal और Hamidia Hospital जैसे बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। यहां पहले से ही लंबी कतारें लगती हैं, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। आंकड़ों के अनुसार, हर साल 70 हजार से अधिक स्किन मरीज इन बड़े अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचते हैं।

भोपाल में 23% डॉक्टरों के पद खाली

मामले पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है और नियुक्ति की कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की जा सकती। उनका कहना है कि हेल्थ सेंटर्स पर उपकरण, पैथोलॉजी लैब और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था है। हालांकि जमीनी स्तर पर विशेषज्ञों की कमी मरीजों को सीधे प्रभावित कर रही है।

जेपी अस्पताल में हालात सबसे गंभीर

राजधानी के प्रमुख जिला अस्पताल JP Hospital में स्थिति और ज्यादा चिंताजनक है। यहां 17 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। अस्पताल का सिविल सर्जन पद भी रिक्त है और फिलहाल डॉ. संजय जैन को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वे ही ईको जांच भी करते हैं। सिविल सर्जन का दायित्व संभालने के कारण ईको कक्ष कई बार बंद रहता है, जिससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि स्किन रोगों का सही और समय पर उपचार न मिलने से बीमारी लंबी खिंच सकती है। कई मामलों में गलत या अधूरा इलाज दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर देता है, जिससे आगे का उपचार और जटिल हो जाता है। साल 2025 में राज्य स्तरीय मानकों के तहत जेपी अस्पताल में एक स्किन स्पेशलिस्ट का पद स्वीकृत हुआ था, लेकिन अब तक उस पर नियुक्ति नहीं हो सकी है। सरकारी दावों और जमीनी सच्चाई के बीच की यह खाई राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp