, ,

नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च से MP व्यापी बस हड़ताल का ऐलान, 10 लाख रोजगार पर संकट का दावा

Author Picture
Published On: 25 February 2026

ग्वालियर संभाग की बस ऑपरेटर यूनियन ने MP सरकार की नई परिवहन नीति और यात्री बसों पर बढ़ाए गए टैक्स के विरोध में 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियन का कहना है कि यदि सरकार ने तय तारीख से पहले उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो पूरे प्रदेश में निजी बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद यात्रियों के सामने आने वाली संभावित परेशानियों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

यूनियन के महामंत्री पदम गुप्ता ने आरोप लगाया कि सरकार के नए नोटिफिकेशन के तहत वर्तमान निजी बस ऑपरेटरों के परमिट निरस्त कर पूरे क्षेत्र का संचालन एक ही व्यक्ति या कंपनी को सौंपने की तैयारी है। उनके मुताबिक, इस व्यवस्था से छोटे और मध्यम स्तर के ऑपरेटरों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे नियंत्रण सरकार के बजाय एक निजी इकाई के हाथ में सिमट सकता है, जो पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा दोनों के लिए उचित नहीं होगा।

MP व्यापी बस हड़ताल का ऐलान

यूनियन के उपाध्यक्ष प्रयाग नारायण भटेले ने बताया कि विभाग ने बसों पर लगने वाला टैक्स 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। उनका कहना है कि पहले से ही ऑपरेटर निर्धारित दरों के अनुसार किराया ले रहे हैं और समय पर टैक्स जमा कर रहे हैं। ऐसे में अचानक टैक्स वृद्धि से संचालन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर परिवहन व्यवस्था और रोजगार पर पड़ेगा।

भटेले ने दावा किया कि यदि पूरे प्रदेश का संचालन किसी एक कंपनी को सौंपा गया तो लगभग 10 लाख लोग बेरोजगार हो सकते हैं। इसमें ड्राइवर, कंडक्टर, मैकेनिक और अन्य सहायक कर्मचारी शामिल हैं। यूनियन का कहना है कि सरकार को इस संभावित सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

राजनीतिक विरोध की चेतावनी

यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे सत्ताधारी दल का विरोध करेंगे और बड़ी संख्या में विपक्षी दल की सदस्यता लेने पर विचार करेंगे। उनका कहना है कि यह मुद्दा केवल व्यापार का नहीं, बल्कि आजीविका और प्रदेश की परिवहन व्यवस्था का है।

यूनियन ने स्पष्ट किया है कि 2 मार्च से प्रदेशभर में बसों का संचालन बंद कर चक्काजाम किया जाएगा। यदि ऐसा होता है तो आम यात्रियों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें सरकार की आगामी प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp