ग्वालियर में फरवरी के आखिरी सप्ताह में ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.9 डिग्री अधिक है। दिन चढ़ने के साथ धूप में तीखापन साफ महसूस किया गया। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले तीन दिनों में तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में दोपहर के समय गर्मी और अधिक परेशान कर सकती है।
बुधवार सुबह न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले दिन के लगभग बराबर रहा, जिससे सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रही। हालांकि सूरज निकलने के बाद मौसम तेजी से बदल गया। दोपहर तक गर्म हवाएं चलने लगीं और खुले स्थानों पर निकलने वाले लोगों को तेज धूप का सामना करना पड़ा। बाजारों और सड़कों पर दोपहर के समय सामान्य दिनों की तुलना में हलचल कुछ कम दिखाई दी।
सुबह महसूस हुई नमी
मौसम के बदलते मिजाज के बीच आर्द्रता के स्तर में भी बदलाव देखा गया। सुबह के समय आर्द्रता 85 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो सामान्य से करीब 15 प्रतिशत अधिक थी। इसी वजह से सुबह हल्की नमी महसूस हुई। वहीं शाम को आर्द्रता घटकर 44 प्रतिशत रह गई, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है। दिन के समय मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहा, जिससे धूप का असर और अधिक तीखा लगा।
ट्रफ लाइन का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण का अप्रत्यक्ष प्रभाव तापमान पर पड़ रहा है। इसके अलावा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से मराठवाड़ा तक सक्रिय ट्रफ लाइन भी गर्मी बढ़ाने में भूमिका निभा रही है। हालांकि 27 फरवरी से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन ग्वालियर अंचल में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना जताई गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के व सूती कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। मौसम के संकेत बता रहे हैं कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और तेज हो सकता है।
