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उज्जैन में ग्रीन फील्ड रोड का विरोध: किसानों का धरना स्थगित, मुआवजे पर चर्चा जारी

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Published On: 25 February 2026

उज्जैन-इंदौर और उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड रोड परियोजना का विरोध कर रहे लगभग एक हजार किसान बुधवार को उज्जैन में कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए राशन और बिस्तर लेकर आने वाले थे। 150 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ किसान अनिश्चितकालीन धरना देने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, प्रशासन द्वारा पहल की गई बातचीत के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया।

उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने किसान नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में चर्चा सकारात्मक रही और प्रशासन ने मुआवजे तथा सड़क की ऊंचाई जैसी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने कहा कि इंदौर-उज्जैन रोड से प्रभावित आठ गांवों के किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। बैठक के दौरान किसानों को यह भी बताया गया कि जावरा-उज्जैन ग्रीन फील्ड रोड से प्रभावित किसानों को उज्जैन-इंदौर रोड के किसानों के समान मुआवजा मिलेगा।

उज्जैन में ग्रीन फील्ड रोड का विरोध

किसान नेता राजेश सोलंकी ने बताया कि अनिश्चितकालीन धरने की तैयारी के बावजूद प्रशासन की बातचीत के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मुआवजे की राशि किसानों की मांग के आसपास तय की जा सकती है। साथ ही सड़क की ऊंचाई कम करने की मांग पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा भोपाल में चर्चा का आश्वासन भी किसानों को दिया गया है।

डेढ़ साल से जारी किसानों की मांग

किसानों का कहना है कि वे पिछले डेढ़ साल से मुआवजे और सड़क के एक्सेस कंट्रोल प्लान के विरोध में आंदोलनरत हैं। प्रस्तावित ग्रीन फील्ड रोड 15 से 20 फीट ऊंचाई पर बनाई जाएगी, जिससे गांवों की कनेक्टिविटी प्रभावित होगी। किसानों की मांग है कि सड़क जमीन स्तर पर बनाई जाए और जमीन का मुआवजा बाजार दर पर दिया जाए।

परियोजना से प्रभावित कुल 89 गांव

इन दोनों ग्रीन फील्ड रोड परियोजनाओं से कुल 89 गांव प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें उज्जैन के 56, इंदौर के 20 और रतलाम के 13 गांव शामिल हैं। प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत जारी है और शाम तक इस मामले में अंतिम निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है।

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