उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत नगर निगम ने बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। निगम अमले ने पुलिस बल के साथ नृसिंह घाट से लालपुल ब्रिज मार्ग तक 2016 के बाद बने पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया। यह कार्रवाई जोन क्रमांक 03 क्षेत्र में की गई। प्रशासन का उद्देश्य मेले के लिए साधु-संतों के डेरों, टेंट और श्रद्धालुओं की पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित करना है।
कार्रवाई के दौरान नर्मदा घाट क्षेत्र स्थित शंकराचार्य मठ में पुण्यानंद गिरी महाराज के आश्रम में भी कार्रवाई की गई। यहां 54 कमरों वाला तीन मंजिला भवन बनाया गया था, जिसमें एसी और नॉन-एसी कमरे थे। नगर निगम की टीम ने बताया कि भवन में अवैध रूप से होटल संचालित किया जा रहा था। यह तीन मंजिला होटल लगभग 10 हजार से 15 हजार वर्गफुट क्षेत्र में फैला हुआ था। नगर निगम ने इसे ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028
नरसिंह घाट रोड पर करीब 60×80 फीट के माधवानंद आश्रम और लगभग 80×150 फीट क्षेत्र में बनी कलोता समाज की धर्मशाला को भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत ध्वस्त किया गया। इसके अलावा बागली समाज और अन्य स्थानों पर भी अवैध निर्माण हटाने का काम जारी है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम सिंहस्थ मेले के दौरान सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है।
नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नृसिंह घाट से लालपुल ब्रिज मार्ग तक सभी अवैध निर्माणों को हटाकर साधु-संतों के डेरों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध निर्माण न करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
आगे की कार्रवाई पर नजर
सिंहस्थ 2028 में लाखों श्रद्धालु उज्जैन में आने वाले हैं। इसके मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तैयारी शुरू कर दी है। अगले चरण में अन्य जोनों में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कदम मेले की भव्यता और सुव्यवस्थित संचालन के लिए अहम है।
