पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सीधी जिले में हाथियों के आंतक और अचानक हुई ओला वृष्टि से किसानों की फसल और घरों को हुए नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से कहा कि आपदा का तत्काल आकलन कर मुआवजा तुरंत प्रदान किया जाए। अजय सिंह ने कलेक्टर से अपेक्षा जताई कि वे व्यक्तिगत रूप से प्रभावित इलाकों का दौरा करें और ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करें।
अजय सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा को रोका नहीं जा सकता, लेकिन जंगली जानवरों के आतंक से होने वाले नुकसान को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने वन विभाग की कार्रवाई पर चिंता जताई और कहा कि जब सीमावर्ती छत्तीसगढ़ से हाथी जिले में घुसे, तब वन विभाग ने अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर कदम नहीं उठाए गए, तो किसानों की फसल और घरों को गंभीर नुकसान होगा।
सीधी: बिजली आपूर्ति प्रभावित
हाथियों से बिजली के खम्बों और तारों को संभावित नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। अजय सिंह ने बताया कि इससे परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों सहित ग्रामीणों की पढ़ाई और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से कहा कि आपात स्थिति में बिजली कटौती के विकल्पों के साथ-साथ सुरक्षा उपाय भी सुनिश्चित किए जाएं।
अजय सिंह ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक से कहा कि वे सीधी जिले और छत्तीसगढ़ राज्य के वन अधिकारियों के साथ मिलकर हाथियों को उनके पुराने प्राकृतिक निवास स्थान पर वापस भेजने के उपाय तुरंत लागू करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि देर हुई, तो हाथियों से होने वाला नुकसान और भी गंभीर हो जाएगा।
ग्रामीणों की सुरक्षा प्राथमिकता
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हाथियों और ओला-पानी से हुई आपदा में गरीब किसानों और ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि प्रभावित फसलों और घरों का तत्काल मूल्यांकन कर मुआवजा तय किया जाए और भविष्य में इस तरह की आपदाओं से बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
