,

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में देश भर में सबसे पहले होली का पर्व मनाया जाएगा, पढ़ें विस्तार से…

Author Picture
Published On: 26 February 2026

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में 2 मार्च की शाम देशभर में सबसे पहले होली का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान मंदिर में संध्या आरती होगी, जिसमें भगवान महाकाल को गुलाल अर्पित किया जाएगा। आरती के बाद ही मंदिर परिसर में होलिका का दहन होगा। पुजारी पंडित घनश्याम शर्मा और अन्य पंडे विधि-विधान से होलिका का पूजन करेंगे और भक्तों के साथ होलिका की परिक्रमा करेंगे।

इस वर्ष होली के अगले दिन, 3 मार्च मंगलवार को चंद्र ग्रहण होने वाला है। ग्रहण के दौरान कई जगह धुलेंडी मनाने को लेकर असमंजस है। महाकाल मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रहण के समय पट बंद नहीं किए जाएंगे और श्रद्धालु मंदिर में भगवान के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि इस दौरान सुबह भोग नहीं लगाया जाएगा। ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया जाएगा और तब भोग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर

2 मार्च की संध्या आरती के बाद ही महाकाल मंदिर परिसर में होलिका दहन किया जाएगा। मंदिर परिसर में कंडों की होली का पूजन पुजारी और अन्य पंडे विधिपूर्वक करेंगे। इसके बाद होलिका की परिक्रमा कर दहन किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में शामिल होंगे और होलिका दहन के बाद मंदिर परिसर में एक-दूसरे पर रंग लगाकर होली मनाएंगे।

सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान

महाकाल मंदिर प्रशासन ने कहा कि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। पुलिस और मंदिर सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। भक्तों को भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और बच्चों का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है।

भक्त उत्साहित

मंदिर के कर्मचारी और पंडे होली पर्व की तैयारियों में जुट गए हैं। रंग, गुलाल और होलिका दहन की सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर परिसर को सजाया जा रहा है ताकि भक्तों को सुरक्षित और सुचारू अनुभव मिल सके।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp