राजधानी भोपाल के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र MP नगर में गायत्री मंदिर से जाने वाली 80 फीट रोड की हालत इन दिनों बदहाल है। करीब दो महीने पहले सीवेज लाइन बिछाने के लिए सड़क को बीच से खोदा गया था। काम पूरा होने के बाद गड्ढे में केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया, लेकिन पक्की मरम्मत अब तक नहीं की गई। लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण यहां धूल का गुबार उड़ रहा है, जिससे स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एमपी नगर जोन-1 और 2 के अलावा शाहपुरा, गुलमोहर, त्रिलंगा, गोविंदपुरा, बागसेवनिया और अरेरा कॉलोनी जैसे इलाकों में भी यही स्थिति है। सीवेज और पाइपलाइन के लिए की गई खुदाई के बाद सड़कों का रेस्टोरेशन अधूरा पड़ा है। कई जगह पानी की पाइपलाइन टूटने की शिकायतें सामने आई हैं, जबकि एमपी नगर में सीवेज का पानी जमीन में रिसने की बात भी स्थानीय लोगों ने उठाई है।
भोपाल के MP नगर
नियमानुसार, अमृत 2.0 योजना के तहत सीवरेज नेटवर्क के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत 21 दिन के भीतर करना ठेकेदार की जिम्मेदारी है। बावजूद इसके कई स्थानों पर दो-दो महीने से गड्ढे खुले पड़े हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि धूल के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।
बढ़ता प्रदूषण चिंता का कारण
अरेरा हिल्स स्थित पर्यावास भवन मॉनिटरिंग सेंटर के आंकड़े भी चिंता बढ़ा रहे हैं। पिछले सात दिनों में से चार दिन पीएम-10 का स्तर 200 के पार दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। यह स्तर टीटी नगर और ईदगाह हिल्स की तुलना में अधिक पाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि खुदाई के बाद अधूरी मरम्मत और उड़ती धूल इसका प्रमुख कारण हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़कों का पक्का रेस्टोरेशन कराया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो धूल और प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो सकती है।
