इस बार का ग्वालियर व्यापार मेला कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। करीब 38 दिनों तक चले मेले में 3 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। खासतौर पर ऑटोमोबाइल सेक्टर ने बिक्री के नए कीर्तिमान स्थापित किए। आरटीओ कार्यालय के अनुसार कुल 32,787 वाहनों का सत्यापन किया गया, जबकि सैकड़ों वाहन अब भी वेटिंग में बताए जा रहे हैं।
मेले में इस बार कारों की जबरदस्त मांग देखने को मिली। कुल पंजीकृत वाहनों में 17,736 कारें शामिल रहीं, जबकि 15,051 दोपहिया वाहन दर्ज किए गए। आंकड़े बताते हैं कि पांच साल पहले जहां कारों की बिक्री करीब 7,500 के आसपास थी, वहीं इस बार यह संख्या दोगुने से भी अधिक हो गई। इसे शहर में बढ़ती क्रय शक्ति और चार पहिया वाहनों की ओर बढ़ते रुझान का संकेत माना जा रहा है।
ग्वालियर व्यापार मेला
मेले के अंतिम दिन तक ग्राहकों की भीड़ कम नहीं हुई। आरटीओ कार्यालय में रात 12 बजे तक पंजीयन प्रक्रिया जारी रही। अंतिम दिन अकेले 1,351 वाहनों का सत्यापन हुआ। इससे साफ है कि ग्राहकों में मेले के प्रति उत्साह अंत तक बरकरार रहा और ऑफर्स का लाभ लेने के लिए लोग अंतिम समय तक पहुंचते रहे।
टैक्स छूट और ऑफर्स का असर
इस बार ‘रोड टैक्स में 50 प्रतिशत तक छूट’, आसान फाइनेंस सुविधा और ऑन-द-स्पॉट पंजीयन जैसी व्यवस्थाएं ग्राहकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण रहीं। कई ऑटो कंपनियों ने एक्सचेंज बोनस और विशेष डिस्काउंट ऑफर भी दिए। इन सुविधाओं ने बिक्री को नई गति दी और बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया।सामान्य और मिड-रेंज कारों की बिक्री में तेजी रही, लेकिन 50 लाख से 2 करोड़ रुपए तक की लग्जरी कारों की मांग में कमी दर्ज की गई। इस श्रेणी में केवल 62 कारें बिकीं। जानकारों का मानना है कि उज्जैन में पहले आयोजित मेले का असर ग्वालियर की लग्जरी कार बिक्री पर पड़ा है।
बाजार में नई ऊर्जा
रिकॉर्ड बिक्री से वाहन डीलरों और फाइनेंस कंपनियों में खासा उत्साह है। उनका कहना है कि कोविड काल के बाद आई सुस्ती अब पूरी तरह खत्म होती नजर आ रही है। आरटीओ विक्रमजीत सिंह कंग ने बताया कि इस वर्ष 32 हजार से अधिक वाहनों का पंजीयन हुआ है और कारों की संख्या सबसे ज्यादा रही। सरल प्रक्रिया और टैक्स छूट ने लोगों को दोपहिया की बजाय चार पहिया वाहन खरीदने के लिए प्रेरित किया। इस बार का ग्वालियर व्यापार मेला ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है।
