रेलवे में नियमों के पालन और यात्री सुविधाओं की निगरानी के लिए विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट अतुल यादव ने ग्वालियर-आगरा रेलखंड पर औचक निरीक्षण किया। इस अभियान के दौरान ट्रेनों और ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर कुल 65 व्यक्तियों की जांच की गई। अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित लोगों से कुल 37,700 रुपए का जुर्माना वसूला गया। इस कार्रवाई से स्टेशन और ट्रेनों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
निरीक्षण के दौरान मजिस्ट्रेट ने रेलवे के सीटीआई, टीटीई और अन्य स्टाफ के साथ 12617 मंगला एक्सप्रेस और 20808 हीराकुण्ड एक्सप्रेस का गहन निरीक्षण किया। विशेष रूप से दोनों ट्रेनों की पेंट्रीकार की बारीकी से जांच की गई। जांच में कुछ वेंडर बिना वैध पहचान पत्र के खाद्य सामग्री बेचते हुए पाए गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।
ग्वालियर पर औचक निरीक्षण
बिना वैध आईडी के बिक्री करते मिले वेंडरों पर मौके पर ही जुर्माना लगाया गया। मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने पर और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
ट्रेनों की जांच के बाद टीम ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर सघन जांच अभियान चलाया। यहां बिना टिकट घूम रहे लोगों को पकड़ा गया और उनसे नियमानुसार जुर्माना वसूला गया। इसके साथ ही स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की गई। रेलवे प्रशासन का कहना है कि स्टेशन परिसर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई जरूरी है।
आगे भी जारी रहेंगे निरीक्षण
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान वैध टिकट साथ रखें और रेलवे नियमों का पालन करें। इस अभियान ने साफ संकेत दिया है कि रेलवे प्रशासन अब नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतने के मूड में है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर सेवाएं मिल सकें।
