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मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के विरोध में 2 मार्च से बस हड़ताल, उज्जैन समेत प्रदेशभर में असर

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Published On: 27 February 2026

मध्यप्रदेश में प्रस्तावित मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के विरोध में प्रदेशभर के बस संचालकों ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। बस ऑपरेटरों के अनुसार इस हड़ताल में 29 हजार से अधिक बसें शामिल हो सकती हैं। यदि हड़ताल होती है तो सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

धार्मिक और पर्यटन नगरी उज्जैन में भी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल सकता है। यहां की करीब 5 हजार बसें बंद रहने की संभावना है। 2 मार्च को होली की छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर रवाना होते हैं। ऐसे समय में बस सेवा ठप होने से यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। संभागभर के बस ऑपरेटरों ने अपनी-अपनी बसों पर हड़ताल के बैनर और पोस्टर लगा दिए हैं।

उज्जैन समेत प्रदेशभर में असर

बस संचालकों का कहना है कि वे कई बार अपनी मांगों को लेकर सरकार को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उनका आरोप है कि नई परिवहन सेवा लागू होने से निजी बस ऑपरेटरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। इसी के विरोध में उन्होंने बसों का संचालन बंद करने का निर्णय लिया है।

जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार अप्रैल से मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन ने इस योजना का विरोध करते हुए इसे निजी ऑपरेटरों के हितों के खिलाफ बताया है। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार को पहले मौजूदा बस संचालकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

यात्रियों के सामने विकल्पों की चुनौती

यदि 2 मार्च से हड़ताल शुरू होती है तो यात्रियों को निजी वाहनों या ट्रेन सेवा पर निर्भर रहना पड़ेगा। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण किराए में बढ़ोतरी और सीटों की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था घोषित नहीं की गई है। ऐसे में सभी की नजरें सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हैं।

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