उज्जैन में महाकाल मंदिर के लड्डू प्रसाद को लेकर सोशल मीडिया पर डाला गया एक वीडियो विवाद का कारण बन गया है। इंस्टाग्राम आईडी _roshan_yadav2 से जारी इस वीडियो के बाद मंदिर प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित कंटेंट क्रिएटर के खिलाफ महाकाल थाने में आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है। वीडियो जारी होने के दो दिन बाद यह कार्रवाई की गई।
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि 25 फरवरी को सोशल मीडिया पर श्रीअन्न रागी लड्डू प्रसाद के संबंध में एक भ्रामक वीडियो वायरल किया गया। वीडियो में प्रसाद की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए यह दिखाया गया कि लड्डू टूटे हुए हैं और उन्हें ग्रहण करने से स्वास्थ्य खराब हो सकता है। समिति का आरोप है कि वीडियो में प्रसाद को जानबूझकर बिखेरकर प्रदर्शित किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई और मंदिर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
महाकाल मंदिर
मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि श्रीअन्न रागी लड्डू प्रसाद पूरी स्वच्छता और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया जाता है। इसमें रागी आटा (मिलेट), गुड़ और शुद्ध घी का उपयोग किया जाता है। समिति का कहना है कि यह प्रसाद लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है और प्रतिदिन हजारों भक्त इसे विश्वास के साथ ग्रहण करते हैं। रागी से बना यह प्रसाद कैल्शियम, आयरन और फाइबर का अच्छा स्रोत है तथा स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी की जरूरत
मंदिर प्रबंधन ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर भ्रामक या अपुष्ट जानकारी साझा करना गंभीर मामला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई सामग्री का व्यापक प्रभाव पड़ता है, इसलिए जिम्मेदारी के साथ व्यवहार आवश्यक है। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
महाकाल थाना पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और संबंधित अकाउंट की जांच की जा रही है। तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें, ताकि अनावश्यक विवाद और भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।
