मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के कमला नेहरू हॉस्टल में एक छात्रा के निष्कासन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय परिसर में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। प्रबंधन ने छात्रा के पिता से बातचीत कर उन्हें इंदौर बुलाया है, ताकि पूरे घटनाक्रम पर आमने-सामने चर्चा की जा सके।
उधर, संबंधित छात्रा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। लिखित स्पष्टीकरण में उसने कहा है कि वीडियो कॉल पर बातचीत करना उसका निजी विषय है और इसे अनुशासनहीनता के रूप में पेश करना उचित नहीं है। छात्रा का कहना है कि उसने किसी अन्य छात्रा पर बॉयफ्रेंड बनाने का कोई दबाव नहीं डाला। उसने इसे गलतफहमी और साजिश का हिस्सा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
DAVV: जब्त सामान लौटाने की मांग
मामले में जब्त किए गए सामान को लेकर भी छात्रा ने आपत्ति दर्ज कराई है। उसने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपना सामान वापस करने की मांग की है। उसका कहना है कि बिना स्पष्ट कारण बताए व्यक्तिगत वस्तुएं जब्त करना अनुचित है। इस बीच हॉस्टल प्रबंधन का पक्ष अभी औपचारिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अनुशासन से जुड़े कुछ बिंदुओं पर समिति ने आपत्ति दर्ज की थी।
कोलकाता की रहने वाली है छात्रा
डाटा साइंस विभाग में अध्ययनरत यह छात्रा सीयूईटी के माध्यम से पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स में दाखिल हुई थी। प्रथम वर्ष की छात्रा पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली है और कमला नेहरू हॉस्टल में रह रही थी। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान उसने फॉर्म में स्थानीय अभिभावक (लोकल गार्जियन) का विवरण नहीं दिया था। इसी कारण विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सीधे उसके पिता से संपर्क किया।
दो-तीन दिन में हो सकती है मुलाकात
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार छात्रा के पिता दो से तीन दिन में इंदौर पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में जांच रिपोर्ट, निष्कासन की प्रक्रिया और छात्रा के स्पष्टीकरण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। फिलहाल छात्रा का पक्ष और प्रबंधन की कार्रवाई दोनों ही जांच के दायरे में हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
