इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में हुई 60 लाख रुपए की चोरी का मास्टरमाइंड दंपती का ही भतीजा रोहित उर्फ गोलू निकला है। पुलिस के अनुसार, उसी ने पूरी साजिश रची थी। चोरी की जांच सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर की गई, जिससे आरोपियों तक पुलिस पहुंच सकी। हालांकि, अब तक न तो पूरी घटना का खुलासा हो सका है और न ही चोरी का माल बरामद हुआ है।
गोलू फिलहाल पुलिस हिरासत में है। पूछताछ में उसने बताया कि उसने दोस्त लक्की बोरासी और सुधांशु प्रजापत के साथ वारदात को अंजाम दिया। इसके अलावा एक अन्य साथी भी शामिल था। चोरी के बाद जेवर और नकदी लेकर उसके साथी फरार हो गए, इसलिए गोलू के पास से कोई रकम बरामद नहीं हो सकी।
इंदौर: चोरी की घटना का विवरण
7 फरवरी की रात बाणगंगा थाना क्षेत्र के डागर मोहल्ले में बाणेश्वरी कुंड के पीछे स्थित एक मकान से चोरी हुई थी। मकान मालिक विनोद यादव और उनकी पत्नी मनीषा वैष्णो देवी उस समय बाहर गए हुए थे। घर लौटने पर सोमवार को उन्हें चोरी की जानकारी मिली। वारदात में 35 लाख रुपए नकद और 25 लाख रुपए के सोने के जेवर चोरी हुए थे।
पुलिस जांच में जुटी टीम
सीसीटीवी फुटेज में दो चोर घर में जाते दिखाई दिए जबकि गोलू बाहर खड़ा था। फुटेज और कॉल डिटेल्स की जांच में यह भी सामने आया कि चोरी से कुछ दिन पहले और बाद में गोलू, लक्की और सुधांशु लगातार संपर्क में थे। चोरी से पहले देर रात उन्होंने एक-दूसरे को मैसेज कर बाहर बुलाया था।
चोरी के बाद सुधांशु, लक्की और उनका साथी बिना गोलू को हिस्सा दिए फरार हो गए। डर के चलते गोलू ने किसी को कुछ नहीं बताया। पुलिस का शक उस पर और गहराया क्योंकि घटना की रात वह देर तक गली में घूमता दिखा। गोलू ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने चाचा के लाखों के प्लॉट बेचने की बात दोस्तों से साझा की थी, जिसके बाद सभी ने 6-7 फरवरी की रात चोरी की योजना बनाई।
आगे की कार्रवाई
9 फरवरी को दंपती इंदौर लौटे और चोरी का पता चला। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में लगी है और चोरी का माल बरामद करने की पूरी कोशिश कर रही है। गोलू और उसके अन्य साथियों से विस्तृत पूछताछ जारी है।
