देश के स्कूली विद्यार्थियों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान को करीब से समझने का सुनहरा मौका आया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम ‘युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (YUVIKA)’ की घोषणा की है। यह दो सप्ताह का विशेष रेजिडेंशियल प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें चयनित छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक की बारीकियों से परिचित कराया जाएगा।
इस कार्यक्रम के तहत चयनित छात्रों को इसरो के सात विभिन्न केंद्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें रॉकेट प्रौद्योगिकी, उपग्रह निर्माण, अंतरिक्ष अनुसंधान और उनके व्यावहारिक उपयोगों के बारे में जानकारी दी जाएगी। खास बात यह है कि छात्रों को इसरो के वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने और उनके अनुभव सुनने का अवसर मिलेगा।
ISRO का सुनहरा अवसर
इस कार्यक्रम के लिए वही छात्र आवेदन कर सकते हैं, जो 1 जनवरी तक कक्षा 9 में अध्ययनरत हों। साथ ही वे किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में पढ़ रहे भारतीय नागरिक होने चाहिए और भारत में ही शिक्षा ग्रहण कर रहे हों। इसरो का उद्देश्य कम उम्र में ही छात्रों में विज्ञान और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना है।
आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 27 फरवरी से शुरू हो चुकी है। इच्छुक छात्र 31 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। पहली चयन सूची 13 अप्रैल को जारी की जाएगी, जबकि दूसरी सूची 20 अप्रैल को घोषित होगी। चयनित छात्रों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 से 22 मई तक आयोजित किया जाएगा।
करियर के लिए नई दिशा
YUVIKA कार्यक्रम छात्रों को अंतरिक्ष क्षेत्र में करियर बनाने की प्रेरणा देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। यह कार्यक्रम न सिर्फ ज्ञान बढ़ाएगा, बल्कि विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और नवाचार की सोच को भी मजबूत करेगा।
