,

IMSCON-26 में चौंकाने वाले आंकड़े, 24 साल की युवतियों में भी बढ़ रहा ब्रेस्ट कैंसर का खतरा

Author Picture
Published On: 28 February 2026

राजधानी भोपाल में आयोजित IMSCON-26 के राष्ट्रीय सम्मेलन में सामने आए आंकड़ों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया। विशेषज्ञों ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर अब केवल 40-50 वर्ष की महिलाओं तक सीमित नहीं रहा। अब 24 साल की युवतियों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जागरूकता, स्क्रीनिंग और वैक्सीनेशन पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतों को कम करने के लिए कम से कम 90 प्रतिशत महिलाओं की नियमित स्क्रीनिंग जरूरी है। लेकिन देश में तीन प्रतिशत से भी कम महिलाएं जांच करवा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी है, वहीं शहरों में भी डर, शर्म और लापरवाही के कारण महिलाएं जांच टाल देती हैं। डॉक्टरों ने जोर देकर कहा कि शुरुआती चरण में पकड़ा गया कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है, लेकिन देर से पहचान होने पर इलाज जटिल और महंगा हो जाता है।

IMSCON-26

अहमदाबाद से आई सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अंजना चौहान ने बताया कि जंक फूड, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव और हार्मोनल असंतुलन जैसे कारण कम उम्र में कैंसर के मामलों को बढ़ा रहे हैं। पहले जहां यह बीमारी 45 वर्ष के बाद अधिक देखी जाती थी, अब 20 से 30 वर्ष की आयु वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है। कम उम्र में कैंसर ज्यादा आक्रामक होता है, इसलिए समय पर जांच बेहद जरूरी है।

सर्वाइकल कैंसर और HPV वैक्सीनेशन

सम्मेलन में सर्वाइकल कैंसर को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि यह कैंसर एचपीवी संक्रमण से होता है, जो कई सालों तक बिना लक्षण शरीर में रह सकता है। 14 वर्ष की लड़कियों को समय पर एचपीवी वैक्सीन लगने से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में बड़ी कमी लाई जा सकती है। 28 फरवरी से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन अभियान को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रोबोटिक सर्जरी का लाइव प्रदर्शन

सम्मेलन के दौरान HER अस्पताल में सर्जिकल वर्कशॉप भी आयोजित की गई। प्रजनन एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया भावे चित्तावर ने टेलीरोबोटिक तकनीक के माध्यम से ओपीडी से ही सफल सर्जरी की। वीआर गॉगल्स और रोबोटिक सिस्टम की मदद से लगभग एक घंटे चली प्रक्रिया में यूटरस को सफलतापूर्वक निकाला गया। इस लाइव प्रदर्शन ने चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित किया।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp