MP में गायों की पहचान व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने घोषणा की है कि अब पालतू और बेसहारा गायों को अलग-अलग रंग के टैग लगाए जाएंगे। इस नई व्यवस्था को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। अभी तक गायों के कान में पीले रंग का टैग लगाया जाता था, लेकिन आगे यह टैग केवल पालतू गायों के लिए ही उपयोग होगा। बेसहारा गायों के लिए अलग रंग निर्धारित किया जाएगा, जिससे उनकी पहचान तुरंत हो सके।
नई व्यवस्था की सबसे अहम बात यह है कि टैग में जीपीएस चिप भी लगाई जाएगी। इससे गौशालाओं में मौजूद गायों की वास्तविक संख्या का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा। अधिकारी बताते हैं कि इससे गायों की “अटेंडेंस” दर्ज होगी और किसी भी तरह के फर्जी आंकड़े दिखाकर अनुदान लेने की गुंजाइश कम हो जाएगी। सरकार का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से पारदर्शिता बढ़ेगी और गौशालाओं की निगरानी पहले से अधिक प्रभावी होगी।
MP में गायों की अलग पहचान
विधानसभा में शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न समितियों का निर्वाचन निर्विरोध संपन्न हुआ। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने समितियों के अध्यक्षों और सदस्यों के नामों की घोषणा की। सदन में इस प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया, जिससे आगामी सत्र में समितियां अपने कामकाज को समय पर शुरू कर सकेंगी।
चर्चा की मांग
इसी बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर लोकायुक्त और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पर सदन में चर्चा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इन रिपोर्टों पर खुली चर्चा से शासन-प्रशासन में जवाबदेही तय होगी और पारदर्शिता मजबूत होगी। राजनीतिक हलकों में इसे सरकार और विपक्ष के बीच आगामी बहस का संकेत माना जा रहा है।
