भोपाल के कलियासोत डैम किनारे अवैध रूप से संचालित डेयरियों पर शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। टीन शेड डालकर बनाई गई 9 डेयरियों को जेसीबी मशीन की मदद से हटा दिया गया। यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद की गई। प्रशासन का कहना है कि डैम क्षेत्र में अतिक्रमण पर्यावरण के लिए खतरा बन रहा था, इसलिए इसे हटाना जरूरी था।
टीटी नगर तहसीलदार कुणाल राउत की मौजूदगी में राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस बल की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया। सिरपुर गांव में कलियासोत डैम के किनारे करीब 18 डेयरियां अवैध रूप से खड़ी कर दी गई थीं। यहां पशुपालन के साथ दुग्ध उत्पादन का काम भी चल रहा था। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा क्षेत्र संरक्षित दायरे में आता है, जहां स्थायी या अस्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है।
कलियासोत डैम
जब प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तो डेयरी संचालकों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि वे लंबे समय से यहां काम कर रहे हैं और इससे कई परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अतिक्रमण की श्रेणी में आता है और एनजीटी के आदेश के तहत कार्रवाई करना अनिवार्य है। विरोध के बावजूद एक-एक कर सभी टीन शेड हटाए गए।
9 और डेयरियों पर गिरेगा शिकंजा
तहसीलदार राउत ने बताया कि फिलहाल 9 डेयरियां हटाई गई हैं और शेष 9 को भी जल्द हटाया जाएगा। प्रशासन ने संकेत दिया है कि डैम और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण को लेकर आगे भी सख्ती जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रशासन का फोकस
कलियासोत डैम भोपाल के प्रमुख जल स्रोतों में से एक है। ऐसे में उसके आसपास अतिक्रमण और अवैध गतिविधियां लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई थीं। प्रशासन की इस कार्रवाई को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि शेष डेयरियों को हटाने की कार्रवाई कब तक पूरी होती है और प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर क्या योजना बनाई जाती है।
