मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान प्रदेश से जुड़े राजनीतिक और प्रशासनिक विषयों पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक कानून-व्यवस्था, सहकारिता क्षेत्र और केंद्र-राज्य समन्वय जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। शाह से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने अन्य केंद्रीय मंत्रियों और संगठन से जुड़े नेताओं से भी मिलने का कार्यक्रम तय किया है।
दिल्ली दौरे का एक अहम उद्देश्य केंद्र से लंबित बजट राशि जारी करवाना भी है। चालू वित्त वर्ष समाप्त होने में अब करीब एक महीना शेष है। ऐसे में राज्य सरकार चाहती है कि 31 मार्च से पहले शेष राशि जारी हो जाए, ताकि विकास कार्यों पर असर न पड़े। मुख्यमंत्री विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े मंत्रियों से मिलकर विभागवार लंबित फंड जारी करने का आग्रह करेंगे।
दिल्ली दौरे पर CM यादव
जानकारी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में राज्य को केंद्र से 44 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि मिलनी है। हालांकि जनवरी तक की स्थिति में लगभग 9.50 हजार करोड़ रुपए ही प्राप्त हो पाए हैं। इस अंतर को लेकर राज्य सरकार चिंतित है। बकाया राशि समय पर नहीं मिलने से कई योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ सकता है। इसी मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री सीधे संबंधित मंत्रियों से बातचीत कर रहे हैं।
मार्च में अधिकारियों की भी बैठकें
बताया जा रहा है कि मार्च माह में संबंधित विभागों के मंत्री और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी भी दिल्ली पहुंचेंगे। वे अपने-अपने मंत्रालयों में लंबित प्रस्तावों और बजट आवंटन को लेकर विस्तृत चर्चा करेंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले अधिकतम राशि जारी करवाई जा सके।
बदलाव पर चर्चा
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। सूत्रों का कहना है कि बैठक में प्रदेश में संभावित संगठनात्मक बदलाव और आगामी नियुक्तियों को लेकर चर्चा हुई। इसे आने वाले समय में पार्टी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
