ग्वालियर में जेबकतरों ने एक बुजुर्ग व्यापारी को निशाना बनाते हुए डेढ़ लाख रुपये उड़ा दिए। मुरैना जिले के जीवाजीगंज निवासी 65 वर्षीय रामजीलाल गुप्ता दामाद के इलाज के लिए 18 फरवरी को नकदी लेकर ग्वालियर आए थे। उनके दामाद राजेश गुप्ता, जो हजीरा क्षेत्र के रहने वाले हैं, ब्रेन हेमरेज के बाद न्यू परिवार हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इलाज में सहयोग के लिए रामजीलाल दोपहर करीब 12 बजे मुरैना से निकले और एक बजे ग्वालियर स्टेशन पहुंचे।
स्टेशन के बाहर मुखर्जी पेट्रोल पंप के सामने से वह मुरार-बाड़ा रूट की 02 नंबर टेंपो में सवार हुए। ड्राइवर के पास वाली आगे की सीट पर बैठे रामजीलाल ने रुपये अंदर की जेब में रखे थे। टेंपो चलने के कुछ देर बाद एक युवक आकर उनके पास बैठ गया। नदीगेट से पहले वह युवक उतर गया। रामजीलाल भी नदीगेट पर उतरकर ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचे। वहां जेब देखी तो कट लगी थी और नकदी गायब थी।
ग्वालियर में इलाज
घटना के तुरंत बाद रामजीलाल पड़ाव थाना पहुंचे, लेकिन उन्हें यह कहकर इंदरगंज थाना भेज दिया गया कि वारदात उस क्षेत्र में हुई है। इंदरगंज पहुंचने पर फिर से पड़ाव क्षेत्र बताकर लौटा दिया गया। करीब दस दिन तक दोनों थानों के बीच चक्कर काटने के बाद 27 फरवरी की रात पड़ाव थाना में 90 हजार रुपये चोरी का मामला दर्ज किया गया। इस दौरान चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल सहित व्यापारियों ने हस्तक्षेप किया।
आगे बैठे युवक पर संदेह
पीड़ित का कहना है कि स्टेशन पर उन्होंने नकदी की जांच की थी। संदेह उसी युवक पर है जो टेंपो में आगे आकर बैठा और नदीगेट से पहले उतर गया। अस्पताल तक ई-रिक्शा में वह अकेले थे, इसलिए चोरी टेंपो में ही हुई है।
सक्रिय गिरोह
शहर में पिछले कुछ समय से टेंपो और ई-रिक्शा में जेबकटी की घटनाएं बढ़ी हैं। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास सक्रिय गिरोह बाहर से आने वाले बुजुर्ग यात्रियों को निशाना बनाते हैं। पहले भी ऐसे मामलों में ब्लेड मारकर जेब काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पड़ाव थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। संदिग्ध युवक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
