‘घूसखोर पंडित’ पर मचा बवाल, मनोज बाजपेयी बोले- “यह किसी कम्युनिटी के खिलाफ नहीं है”

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Published On: 8 February 2026

नेटफ्लिक्स की आने वाली क्राइम थ्रिलर ‘घूसखोर पंडित’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म का टीजर सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई और बात अदालत तक पहुंच गई। मामला इतना बढ़ा कि नेटफ्लिक्स को फिल्म का अनाउंसमेंट प्रोमो हटाने का फैसला लेना पड़ा। अब इस पूरे विवाद पर लीड एक्टर मनोज बाजपेयी ने चुप्पी तोड़ी है और अपनी बात बेहद साफ शब्दों में रखी है।

‘घूसखोर पंडित’ एक क्राइम थ्रिलर फिल्म है, जिसमें मनोज बाजपेयी अहम भूमिका निभा रहे हैं। जैसे ही इसका टीजर रिलीज हुआ, कुछ लोगों ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि टाइटल में इस्तेमाल किया गया शब्द ‘पंडित’ एक खास धार्मिक और सामाजिक पहचान से जुड़ा है, और उसे भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी से जोड़ना गलत है।

घूसखोर पंडित

इस नाराजगी के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि फिल्म का नाम और प्रमोशनल कंटेंट सांप्रदायिक रूप से आपत्तिजनक है और इससे एक पूरे समुदाय की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

मामला तूल पकड़ता देख फिल्ममेकर्स और नेटफ्लिक्स ने तुरंत कदम उठाया। विवाद बढ़ने से पहले ही फिल्म का प्रमोशनल टीजर और अनाउंसमेंट मटेरियल हटा लिया गया। इससे साफ हो गया कि मेकर्स इस मुद्दे को हल्के में नहीं ले रहे हैं और दर्शकों की भावनाओं को लेकर गंभीर हैं।

मनोज बाजपेयी ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक नोट शेयर किया। उन्होंने साफ कहा कि वह लोगों की भावनाओं और चिंताओं का पूरा सम्मान करते हैं। मनोज ने लिखा कि जब किसी कलाकार या फिल्म के काम से किसी को ठेस पहुंचती है, तो उस पर रुककर सोचना और सुनना जरूरी होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म का टाइटल किसी भी समुदाय के खिलाफ बयान देने के इरादे से नहीं रखा गया था।

उनके मुताबिक, फिल्म में उन्होंने एक ऐसे इंसान का किरदार निभाया है, जो खामियों से भरा है और जिसे अपनी गलतियों का एहसास होता है। यह किरदार किसी धर्म, जाति या समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि एक व्यक्तिगत कहानी है।

नीरज पांडे पर भी जताया भरोसा

मनोज बाजपेयी ने फिल्म के लेखक और प्रोड्यूसर नीरज पांडे के साथ अपने अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नीरज एक गंभीर और जिम्मेदार फिल्ममेकर हैं, जो किसी भी प्रोजेक्ट पर सोच-समझकर काम करते हैं।

मनोज ने यह भी माना कि प्रमोशनल मटेरियल हटाने का फैसला यह दिखाता है कि फिल्ममेकर्स जनता के सेंटीमेंट को लेकर संवेदनशील हैं और किसी भी तरह की गलतफहमी नहीं चाहते।

कोर्ट में क्या है मामला?

याचिका में यह मांग की गई है कि फिल्म के टाइटल को बदला जाए और मौजूदा नाम के साथ रिलीज पर रोक लगाई जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि टाइटल से यह संदेश जाता है कि एक पूरे समुदाय को भ्रष्टाचार से जोड़ा जा रहा है, जो गलत और अपमानजनक है। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि अगर ऐसे कंटेंट को रोका नहीं गया, तो इससे सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

‘घूसखोर पंडित’ में मनोज बाजपेयी के अलावा नुसरत भरूचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय और दिव्या दत्ता जैसे कलाकार भी नजर आएंगे। फिलहाल फिल्म की रिलीज डेट को लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।

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