दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को दुनिया से विदा हुए करीब डेढ़ महीना बीत चुका है, लेकिन उनका जाना आज भी उनके परिवार और चाहने वालों के लिए किसी गहरे सदमे से कम नहीं है। पर्दे पर हमेशा मजबूत और जिंदादिल नजर आने वाले धर्मेंद्र, असल जिंदगी में भी अपने परिवार की सबसे बड़ी ताकत थे। उनके जाने के बाद जो खालीपन पैदा हुआ है, वह अब भी साफ महसूस किया जा सकता है।
हाल ही में जब सनी देओल अपनी अपकमिंग फिल्म बॉर्डर 2 के ट्रेलर लॉन्च पर पहुंचे, तो पिता की याद में उनकी आंखें भर आईं। वह पल देखकर हर किसी को अंदाजा हो गया कि देओल परिवार अभी भी इस दर्द से बाहर नहीं आ पाया है।
मुश्किल है ये पल
सनी देओल ही नहीं, बल्कि धर्मेंद्र की पत्नी और मशहूर अभिनेत्री हेमा मालिनी भी इस गहरे दुख से उबर नहीं पाई हैं। हाल ही में उन्होंने खुद स्वीकार किया कि धर्मेंद्र के जाने के बाद एक ऐसा काम है, जिसे करने की हिम्मत वह अब तक नहीं जुटा सकी हैं। धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ देखना।
धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म
धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म इक्कीस 1 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। रिलीज से पहले मुंबई में इस फिल्म की एक खास स्क्रीनिंग रखी गई थी, जिसमें सनी देओल, सलमान खान समेत कई बड़े सितारे शामिल हुए। सभी नम आंखों के साथ धर्मेंद्र को पर्दे पर आखिरी बार देखने पहुंचे थे। लेकिन इस मौके पर हेमा मालिनी नजर नहीं आईं। अब इसकी वजह खुद हेमा मालिनी ने बताई है। एक बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि फिल्म की रिलीज के समय वह मथुरा में थीं और वहां कुछ जरूरी कामों में व्यस्त थीं, लेकिन असली वजह इससे कहीं ज्यादा भावनात्मक है।
हेमा मालिनी के शब्दों में यह फिल्म देखना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि जब वह यह फिल्म देखेंगी, तो भावनाएं काबू से बाहर हो सकती हैं। उनकी बेटियां भी चाहती हैं कि वह खुद को थोड़ा समय दें। हेमा का कहना है कि शायद वह तब यह फिल्म देखेंगी, जब दिल के घाव कुछ हद तक भर जाएंगे।
एक श्रद्धांजलि
इक्कीस सिर्फ धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म नहीं है, बल्कि यह एक सच्ची वीरता की कहानी भी है। श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी इस वॉर ड्रामा फिल्म की कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित है। फिल्म में 21 साल के सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की बहादुरी दिखाई गई है, जिन्होंने दुश्मन के कई टैंकों को तबाह कर दिया था। इस अद्भुत साहस के लिए अरुण खेत्रपाल को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र से नवाजा गया था। इस फिल्म को उसी वीर जवान को श्रद्धांजलि के तौर पर देखा जा रहा है।
स्टारकास्ट
फिल्म में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने शहीद अरुण खेत्रपाल का किरदार निभाया है। उनके साथ सिमर भाटिया, जयदीप अहलावत और धर्मेंद्र अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं। धर्मेंद्र को आखिरी बार बड़े पर्दे पर देखकर फैंस भी खुद को रोक नहीं पाए और कई लोगों की आंखें भर आईं। हेमा मालिनी का यह कहना कि उन्हें अभी वक्त चाहिए, शायद हर उस इंसान की भावना को दर्शाता है, जिसने अपने किसी बेहद करीबी को खोया हो। कुछ जख्म ऐसे होते हैं, जिन्हें भरने के लिए समय चाहिए। हेमा मालिनी ने भी यही साफ किया है कि वह जल्दबाजी में खुद को किसी भावनात्मक तूफान में नहीं झोंकना चाहतीं।
धर्मेंद्र भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें, उनका काम और उनके चाहने वालों का प्यार हमेशा जिंदा रहेगा। और शायद जब समय सही होगा, तब हेमा मालिनी भी अपने दिल को मजबूत कर धर्मेंद्र को आखिरी बार पर्दे पर देखने का साहस जुटा पाएंगी।
