मुंबई महानगर निगम (BMC) चुनाव 2026 के नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। 16 जनवरी को आए नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने शिवसेना (UBT) को करारी शिकस्त दी और बीएमसी में बड़ी जीत दर्ज की। इस जीत के बाद जहां बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है, वहीं इस राजनीतिक उलटफेर पर एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत का बयान भी खूब चर्चा में आ गया है।
कंगना, जो अक्सर बेबाक बोलने के लिए जानी जाती हैं, ने इस हार को सिर्फ एक राजनीतिक नतीजा नहीं बल्कि अपने लिए “न्याय का पल” बताया। उनका कहना था कि यह वही पार्टी है, जिसके शासनकाल में उन्हें अपमान और नुकसान झेलना पड़ा था।
कंगना का उद्धव पर तंज
एक बातचीत के दौरान कंगना रनौत ने कहा कि बीएमसी चुनाव में शिवसेना की हार उनके लिए भावनात्मक तौर पर भी अहम है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के हाथ में कभी बीएमसी की ताकत थी, आज वही सत्ता से बाहर हो गए हैं। कंगना ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया और कहा कि जनता ने अपना फैसला सुना दिया है। उनका मानना है कि सत्ता का गलत इस्तेमाल करने वालों को एक न एक दिन जवाब जरूर मिलता है, और यह नतीजा उसी का उदाहरण है।
पुराने जख्म फिर हुए ताजा
कंगना ने उस दौर को भी याद किया जब साल 2020 में बीएमसी ने उनके मुंबई स्थित बांद्रा ऑफिस और बंगले के कुछ हिस्सों को तोड़ दिया था। उस समय यह मामला पूरे देश में सुर्खियों में रहा था। बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी इस कार्रवाई को लेकर कड़ी टिप्पणी की थी और इसे कानून की नजर में गलत बताया था। कंगना का कहना है कि उस वक्त उन्हें सिर्फ कानूनी ही नहीं, बल्कि मानसिक तौर पर भी परेशान किया गया। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक बयानों तक, उन्हें लगातार निशाना बनाया गया।
‘मुझे महाराष्ट्र छोड़ने तक की धमकी दी गई’
कंगना ने खुलकर कहा कि जब उनका घर और ऑफिस तोड़ा गया, तब उन्हें अलग-अलग नामों से बुलाया गया। उन्हें महाराष्ट्र छोड़ने तक की बातें कही गईं। उनके मुताबिक, महिलाओं को डराने और चुप कराने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि आज वही लोग जनता के फैसले के सामने हार गए हैं। कंगना ने इसे उन सभी महिलाओं के लिए एक संदेश बताया, जो दबाव और धमकियों के बावजूद अपनी आवाज उठाती हैं।
बीएमसी चुनाव में बीजेपी की जीत पर कंगना रनौत ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस जीत के लिए बधाई दी। कंगना ने कहा कि यह जीत सिर्फ एक पार्टी की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो विकास और कानून के राज की बात करती है। उन्होंने इसे “भगवा जीत” बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने साफ संदेश दे दिया है।
राजनीति और निजी लड़ाई
कंगना रनौत के इस बयान के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे उनकी निजी लड़ाई से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीति का हिस्सा मान रहे हैं। लेकिन इतना साफ है कि बीएमसी चुनाव के नतीजों ने पुराने विवादों को फिर से चर्चा में ला दिया है। कंगना के शब्दों में, “आज मेरा घर टूटा था, कल उनका घमंड टूटा।” यह लाइन एक बार फिर लोगों को 2020 की याद दिला रही है, जब उन्होंने उद्धव ठाकरे पर सीधा हमला बोला था।
