अमेरिका ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ एक बार फिर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। यह कार्रवाई पिछले महीने सीरिया में हुए उस हमले के बाद की गई है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों और एक दुभाषिए की मौत हो गई थी। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, अमेरिका और उसके सहयोगी बलों ने पूर्वी समयानुसार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सीरिया के विभिन्न इलाकों में आईएसआईएस के ठिकानों को निशाना बनाते हुए व्यापक हवाई हमले किए। इन हमलों का उद्देश्य आतंकी संगठन की क्षमताओं को कमजोर करना और क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करना बताया गया है।
सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की हत्या के बाद अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ एक बार फिर जोरदार जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के अनुसार, ये हमले आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं ताकि ISIS की क्षमताओं को कमजोर किया जा सके।
ISIS ठिकानों पर हुआ हवाई स्ट्राइक
सीरिया में अमेरिकी सैनिकों पर हुए घातक हमले के बाद अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ठिकानों पर जोरदार जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी और सहयोगी बलों ने सीरिया में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ हवाई हमले किए, ताकि ISIS को स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि अमेरिकी बलों पर हमला करने वालों को दुनिया में कहीं भी छिपने नहीं दिया जाएगा। अमेरिका ने कहा है कि यह अभियान आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर करने और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए जारी रहेगा।
अमेरिकी ने दिया जवाबी हमला
ये हमले अमेरिका के एक व्यापक सैन्य अभियान का हिस्सा हैं, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर आईएसआईएस के उस घातक हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें पिछले महीने सीरिया के पल्मायरा में अमेरिकी सेना के सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस-टोवर, सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड और दुभाषिया अयाद मंसूर सकात की जान चली गई थी। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने बयान जारी कर कहा कि इस कार्रवाई के जरिए आतंकियों को साफ संदेश दिया गया है कि यदि अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाया गया तो उन्हें दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढकर खत्म किया जाएगा, चाहे वे कानून से बचने की कितनी भी कोशिश क्यों न करें।
