ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शन जारी, लाखों लोग उतरे सड़कों पर, ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ के गूंजे नारे

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Published On: 7 January 2026

अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी की हाउस कमेटी ऑन फॉरेन अफेयर्स ने ईरान में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों को खामनेई नेतृत्व की पकड़ कमजोर करने वाला बताया है। कमेटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि प्रदर्शनकारी उठ खड़े हुए हैं और कई शहरों में कब्ज़ा जमा रहे हैं, जिससे ईरानी जनता की तानाशाह खामनेई और उसके कड़े धार्मिक नेताओं के खिलाफ नाराजगी जाहिर होती है। वहीं, ईरान के पूर्व युवराज रज़ा पहलवी ने भी कहा कि ईरानी जनता अब पहले से कहीं अधिक खामनेई शासन को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अमेरिका के रिपब्लिकन नेताओं ने ईरान में चल रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों को लेकर कहा है कि ये आंदोलन खामेनेई नेतृत्व की पकड़ को कमजोर कर रहे हैं। देश में महंगाई, आर्थिक संकट और दमन के खिलाफ प्रदर्शन लगातार फैल रहे हैं।

ईरान में विरोधी प्रदर्शन जारी

ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शन तेज़ी से फैल रहे हैं, जिसमें 100 से ज्यादा शहरों में लाखों लोग सड़कों पर उतरे हैं और ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहे हैं। सरकार हालात को संभालने के लिए आर्थिक रियायतें दे रही है और संसद ने संशोधित बजट में जरूरी वस्तुओं पर सब्सिडी शामिल की है। इसके बावजूद, भारी संख्या में सशस्त्र सुरक्षा बलों के बावजूद प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक बनी हुई है। इलाम प्रांत के अबदानान में हजारों लोग, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, सड़कों पर उतरे और हेलीकॉप्टर आसमान में मंडराते रहे।

 

लाखों लोग उतरे सड़कों पर

ईरान के सैकड़ों शहरों में लाखों लोग महंगाई, आर्थिक संकट और राजनीतिक दमन के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। अमेरिका के रिपब्लिकन नेताओं ने इन प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि ईरानी जनता अब खामनेई के तानाशाही शासन से तंग आ चुकी है और उनका अंत निकट माना जा रहा है। प्रदर्शनकारी पूरे देश में सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं और कई शहरों में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

 

हिंसा का सिलसिला जारी

ईरान के इलाम प्रांत की राजधानी में सुरक्षाबलों ने इमाम खुमैनी अस्पताल में प्रदर्शनकारियों की तलाश और गिरफ्तारियां कीं, जिससे झड़पें हुईं और कम से कम तीन लोग मारे गए, साथ ही एक पुलिसकर्मी की भी मौत हुई। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। देश में महंगाई और आर्थिक संकट चरम पर है, खाद्य-सामान की कीमतें बढ़ रही हैं और ईरानी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड रूप से गिर गया है, जबकि सरकार संकट को संभालने का दावा कर रही है।

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