चीन ने ताइवान के चारों ओर बढ़ाया सैन्य दबाव, ADIZ में घुसे 11 चीनी विमान; सुरक्षा अलर्ट जारी

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Published On: 7 January 2026

ताइवान और चीन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने जानकारी दी कि उसके आसपास के क्षेत्रों में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की गतिविधियां देखी गईं, जिनमें 11 सैन्य विमान, छह नौसैनिक जहाज और एक आधिकारिक चीनी पोत शामिल हैं। MND के अनुसार,  इन गतिविधियों में से 11 में से 9 चीनी सैन्य विमानों ने ताइवान और चीन के बीच मानी जाने वाली मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी व दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश किया, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं।

अमेरिका ने वेनेजुएला पर दबाव और तेज कर दिया है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है, जिसके बीच ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला से चीन, रूस, ईरान और क्यूबा जैसे देशों के साथ अपने संबंध तोड़ने की मांग की है।

चीन ने बढ़ाया सैन्य दबाव

चीन ने ताइवान के चारों ओर सैन्य दबाव और बढ़ा दिया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 11 सैन्य विमान और 6 युद्धपोत ताइवान के आसपास देखे गए, जिनमें से कई ने ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन (ADIZ) में प्रवेश किया। इसके अलावा एक आधिकारिक चीनी पोत की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। इस बढ़ती सैन्य गतिविधि को ताइवान पर दबाव बनाने और क्षेत्र में ताकत दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है।

सेना ने उठाए जवाबी कदम

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ताइवान के आसपास की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उसकी सेनाओं ने जरूरी जवाबी कदम उठाए हैं। इससे एक दिन पहले भी ताइवान ने आठ चीनी सैन्य विमानों और सात चीनी नौसैनिक जहाजों की मौजूदगी दर्ज की थी, जिनमें से दो विमान मध्य रेखा पार कर ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी ADIZ में दाखिल हुए थे। इसी बीच अमेरिका स्थित थिंक टैंक ‘जर्मन मार्शल फंड’ की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि चीन ताइवान पर पूर्ण पैमाने पर उभयचर हमला करता है, तो उसे करीब एक लाख तक सैन्य हताहत झेलने पड़ सकते हैं और अंततः पीछे हटना पड़ सकता है।

ताइवान पर कब्जे का खतरा

एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ताइवान के अपतटीय किनमेन और मात्सु द्वीपों पर कब्जा कर सकता है। हालांकि, अगर संघर्ष होता है तो अमेरिकी और ताइवानी हमलों की वजह से चीन की सेना को ताइवान जलडमरूमध्य में भारी लॉजिस्टिक नुकसान झेलना पड़ सकता है, जिससे उसका अभियान कमजोर हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही इन सैन्य गतिविधियों से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है और चीन-ताइवान संघर्ष का खतरा गहराता जा रहा है।

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