कनाडा में नागरिकता नियमों में हुआ बदलाव, विदेश जन्मे बच्चों को मिलेगा अधिकार; भारतीय के लिए बनी खुशखबरी

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Published On: 17 December 2025

कनाडा सरकार ने नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए 15 दिसंबर से बिल C-3 लागू कर दिया है, जिसके तहत विदेश में पैदा हुए या गोद लिए गए बच्चों के लिए कनाडाई नागरिकता पाने का रास्ता आसान हो गया है। इस नए कानून से नागरिकता के अधिकार का दायरा बढ़ा है और ऐसे परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा जिनके सदस्य विदेश में रहते हैं या वहीं जन्मे हैं। कनाडा में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं, ऐसे में यह नियम खास तौर पर भारतीय मूल के नागरिकों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, क्योंकि इससे उन बच्चों को नागरिकता मिलने की संभावना बढ़ेगी जिनके माता-पिता कनाडा के नागरिक हैं, लेकिन उनका जन्म विदेश में हुआ है।

कनाडा ने नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए बिल C-3 लागू कर दिया है, जिससे विदेश में पैदा हुए या गोद लिए गए बच्चों को भी कनाडाई नागरिकता का दावा करने का अधिकार मिल गया है। हालांकि इसके लिए शर्त रखी गई है कि बच्चे के माता-पिता ने पहले कम से कम तीन साल कनाडा में निवास किया हो।

नियमों में हुआ बदलाव

कनाडा ने बिल C‑3 को लागू कर अपने नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है, जिससे कनाडाई माता‑पिता के विदेश में पैदा या गोद लिए गए बच्चों को नागरिकता मिलने का स्पष्ट मार्ग मिल गया है। पहले की “फर्स्ट‑जनरेशन लिमिट” के तहत केवल पहले पीढ़ी के विदेश जन्मे बच्चों को ही नागरिकता मिलती थी, लेकिन अब इसका विस्तार किया गया है और उन हजारों लोगों को भी राहत मिलेगी जिन्हें पुराने नियमों के कारण नागरिकता से वंचित रहना पड़ा था। इस नए कानून के तहत ऐसे बच्चे, जिनके कम से कम एक माता‑पिता कनाडा के नागरिक हैं, अब कनाडाई नागरिकता के हकदार होंगे और वे नागरिकता प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह बदलाव विशेष रूप से भारतवंशियों और विदेश में बसे भारतीय मूल परिवारों के लिए फायदा होगा।

बिल C-3 है जरूरी

बिल C-3 इसलिए जरूरी माना गया क्योंकि 2009 में लागू “फर्स्ट-जनरेशन लिमिट” के तहत विदेश में जन्मे या गोद लिए गए बच्चों को, माता-पिता के कनाडाई नागरिक होने के बावजूद, नागरिकता से वंचित कर दिया जाता था, जो लंबे समय से कानूनी और राजनीतिक विवाद का कारण बना हुआ था। दिसंबर 2023 में ओंटारियो सुपीरियर कोर्ट ऑफ जस्टिस ने इस नियम के अहम हिस्सों को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि यह उन नागरिक परिवारों के साथ अन्याय करता है जो कनाडा के बाहर बच्चे के जन्म या गोद लेने के बाद नागरिकता चाहते हैं। इसके बाद संघीय सरकार ने इस फैसले के खिलाफ अपील न करने का निर्णय लिया और नागरिकता कानून में व्यापक सुधार के लिए बिल C-3 को लागू किया, ताकि विदेश में जन्मे बच्चों को भी नागरिकता का न्यायसंगत अधिकार मिल सके।

भारतीय समुदाय पर असर

कनाडा के नए नागरिकता नियम से भारतीय समुदाय को बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि अब विदेश में जन्मे या गोद लिए गए बच्चों को भी सीधे कनाडाई नागरिकता का अधिकार मिलेगा, बशर्ते उनके माता-पिता पहले कम से कम तीन साल कनाडा में रहे हों। इससे उन परिवारों के बच्चे, जिनके माता-पिता कनाडाई नागरिक हैं, अब कई अधिकारों का लाभ उठा सकेंगे जो पहले उनके लिए प्रतिबंधित थे।

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