चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में मचाई तबाही, 123 मौतें और 130 लोग हुए लापता; राहत बचाव कार्य जारी 

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Published On: 29 November 2025

चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेंटर (DMC) के अनुसार, अब तक मरने वालों की संख्या 123 पहुँच चुकी है, जबकि 130 लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य पूरी तेजी के साथ जारी हैं। सबसे अधिक नुकसान कंडी ज़िले में हुआ है, जहाँ 51 लोग मारे गए और 67 लोग लापता हैं। इसके अलावा बडुला में 35 मौतें और 27 लापता, केगाले में 9 मौतें, मताले में 8 मौतें, नुवारा एलिया में 6 मौतें औरम्पारा में 5 मौतें दर्ज की गई हैं।

चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 123 लोगों की मौत हो चुकी है और 130 लोग लापता हैं। सबसे अधिक नुकसान कंडी और बडुला जिलों में हुआ है, और लगभग 3.7 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। भारत ने राहत और मदद के लिए 27 टन राहत सामग्री भेजी है।

3.73 लाख लोग हुए प्रभावित

श्रीलंका में बाढ़, भूस्खलन और तेज़ हवाओं के कारण भारी तबाही हुई है। डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेंटर (DMC) के अनुसार, अब तक 3,73,428 लोग और 1,02,877 परिवार प्रभावित हो चुके हैं। महा ओया घाटी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि वहां बेहद गंभीर बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

पुल पर हुआ हादसा

अनुराधापुर-पुत्तलम रोड पर काला ओया पुल के पास बाढ़ के पानी में 60 यात्रियों से भरी बस बह गई। तेज़ बहाव के बीच लगभग 40 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जिसमें एक विदेशी महिला भी शामिल थी। रात में जलस्तर बढ़ने के कारण बचाव अभियान को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

राहत बचाव कार्य जारी

श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह के बाद राहत और बचाव अभियान तेज़ी से जारी है। डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेंटर (DMC) के अनुसार मरने वालों की संख्या 123 हो गई है और 130 लोग अभी भी लापता हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है, जबकि भारतीय NDRF की टीमों ने भी राहत कार्य में सहयोग शुरू कर दिया है।

भारत बना सहारा

भारत ने श्रीलंका की आपदा राहत में मदद के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भारत ने 27 टन राहत सामग्री भेजी है और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अनुसार और सहायता भी मार्ग में है। इसके अलावा, भारतीय NDRF की दो टीमें, जिनमें कुल 80 कर्मी हैं, श्रीलंका पहुँच चुकी हैं और वहां राहत एवं बचाव कार्यों में लगे हुए हैं।

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