यमन में सऊदी समर्थित सरकार और यूएई समर्थित अलगाववादी गुटों के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। जारी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोकोत्रा द्वीप पर फंसी भारतीय नागरिक राखी किशन गोपाल को सुरक्षित स्वदेश वापस पहुंचाया है। यमन स्थित भारतीय मिशन के अनुसार, राखी किशन गोपाल को विशेष यमेनिया उड़ान के जरिए जेद्दा भेजा गया, जहां से वह भारत के लिए रवाना हुईं। भारत सरकार के इस प्रयास को संकट की घड़ी में फंसे नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
यमन में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच सोकोत्रा द्वीप पर फंसी भारतीय नागरिक राखी किशन गोपाल को सुरक्षित भारत लाया गया है। विशेष राहत अभियान के तहत उन्हें एक विशेष उड़ान से सऊदी अरब के जेद्दा पहुंचाया गया, जहां से आगे की व्यवस्था की गई।
यमन में गृहयुद्ध
यमन में जारी गृहयुद्ध और बढ़ते संघर्ष के चलते हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। इसी बीच हिंद महासागर में स्थित सोकोत्रा द्वीप पर सैकड़ों विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं, जहां सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस संकट के बीच भारत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपनी नागरिक राखी गोपाल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उन्हें विशेष व्यवस्था के तहत पहले जेद्दा पहुंचाया गया, जिसके बाद भारत लाया गया। यमन में सऊदी समर्थित सरकार और यूएई समर्थित अलगाववादी गुटों के बीच जारी हिंसा ने क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ा दी है, जिससे वहां मौजूद विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
India in Yemen tweets, "Indian national Ms. Rakki Kishan Gopal, who was stranded on Socotra Island in Yemen for the past few weeks, was successfully evacuated on a special Yemenia flight to Jeddah on Jan 7. She was received by officials of the India in Jeddah & subsequently… pic.twitter.com/mgx3MkhiCT
— IANS (@ians_india) January 8, 2026
भारत ने नागरिको को सुरक्षित निकाला
भारतीय मिशन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि जेद्दा में भारत के वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने संबंधित नागरिक को रिसीव किया और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें सुरक्षित स्वदेश भेज दिया गया। यह निकासी ऐसे समय में हुई है, जब यमन में सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों और यूएई समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के बीच तनाव अपने चरम पर है। हालिया झड़पों के दौरान हद्रमौत और अल-मह्रा प्रांतों में सैन्य ठिकानों को लेकर भीषण संघर्ष देखने को मिला, जिसके चलते हवाई सेवाएं भी बाधित हो गईं और हालात और अधिक गंभीर बन गए।
विदेशी नागरिकों की बढ़ी चिंता
यमन में हाल ही में संघर्ष तेज होने के बीच एसटीसी बलों ने हद्रमौत की राजधानी मुकल्ला समेत कई क्षेत्रों से पीछे हटना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद सोकोत्रा द्वीप पर करीब 400 विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं, क्योंकि मुख्य भूमि पर जारी हिंसा के कारण उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं। यमन सरकार सऊदी अरब की मदद से नियंत्रण बहाल करने का प्रयास कर रही है, जबकि एसटीसी ने दक्षिण यमन को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करने की चेतावनी दी है। इस टकराव से न केवल क्षेत्रीय राजनीति जटिल हुई है, बल्कि आम नागरिक और विदेशी पर्यटक भी प्रभावित हुए हैं।
