इजरायल ने अपने चर्चित Iron Dome एयर डिफेंस सिस्टम की तकनीक भारत को देने का बड़ा प्रस्ताव रखा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के संभावित इजरायल दौरे से पहले संकेत मिले हैं कि दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर की रक्षा डील पर बातचीत तेज हो सकती है। यह वही सिस्टम है जिसने इजरायल को Hamas, Hezbollah, ईरान समर्थित संगठनों और हूती के रॉकेट हमलों से बड़ी सुरक्षा दी है। भारत में इजरायल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने कहा कि दोनों देश रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं और भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के साथ आयरन डोम समेत अन्य रक्षा तकनीकों का ट्रांसफर भी संभव है, जिससे रक्षा के साथ आर्थिक और राजनीतिक साझेदारी भी मजबूत होगी।
इजरायल ने अपने अत्याधुनिक Iron Dome एयर डिफेंस सिस्टम की तकनीक भारत को देने का प्रस्ताव रखा है, जिसे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे के दौरान इस पर बड़ा रक्षा समझौता होने की उम्मीद जताई है।
इजरायल ने भारत को दिया मेगा डिफेंस ऑफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित इजरायल दौरे से पहले इजरायल ने भारत को मेगा रक्षा ऑफर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल अपनी अत्याधुनिक एयर डिफेंस प्रणाली Iron Dome की तकनीक भारत के साथ साझा करने और संयुक्त उत्पादन का प्रस्ताव दे सकता है। इस सिस्टम को दुनिया के सबसे प्रभावी रक्षा कवचों में माना जाता है, जो दुश्मन के रॉकेट और छोटे दूरी की मिसाइलों को हवा में ही पहचान कर नष्ट कर देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिस्टम खासतौर पर सीमावर्ती क्षेत्रों और बड़े शहरों को अचानक होने वाले हमलों से बचाने में बेहद कारगर है।
भारत-इजरायल रक्षा संबंधों में आई तेजी
इजरायल ने भारत को एक उभरती हुई “ग्लोबल सुपरपावर” के रूप में देखते हुए उसके साथ रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताई है। इजरायल अब्राहम अकॉर्ड्स से जुड़े देशों, अफ्रीकी राष्ट्रों और ग्रीस-साइप्रस जैसे साझेदारों के साथ मिलकर एक नए रणनीतिक “एक्सिस” के निर्माण की दिशा में काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में कट्टरपंथी ताकतों का मुकाबला करना है। इस पूरे रणनीतिक ढांचे में भारत की भूमिका को बेहद अहम माना जा रहा है। रक्षा सहयोग के तहत Rafael Advanced Defense Systems और Israel Aerospace Industries द्वारा विकसित आयरन डोम एक अत्याधुनिक मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम है, जो हवाई खतरों को रोकने में सक्षम है और दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का प्रतीक माना जाता है।
इसकी खासियत
- इजराइल का अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम कम दूरी से दागे जाने वाले रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन को रोकने में बेहद प्रभावी माना जाता है।
- इस सिस्टम की सफलता दर लगभग 90 प्रतिशत बताई जाती है, जो इसे दुनिया के सबसे भरोसेमंद सुरक्षा तंत्रों में शामिल करती है।
- यह रडार की मदद से पहले आने वाले खतरे की पहचान करता है और फिर “तमीर इंटरसेप्टर” मिसाइल के जरिए हवा में ही हमले को नष्ट कर देता है।
- खास बात यह है कि यह सिस्टम खुद तय करता है कि कौन सा रॉकेट आबादी वाले इलाके में गिरने वाला है और किससे ज्यादा खतरा है।
- अगर किसी रॉकेट से नुकसान की आशंका नहीं होती, तो उसे इंटरसेप्ट नहीं किया जाता।
- इससे अनावश्यक खर्च से बचत होती है और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।
कीमत
इज़राइल की Iron Dome वायु रक्षा प्रणाली भले ही हमलों को रोकने में बेहद प्रभावी मानी जाती है, लेकिन इसकी लागत काफी ज्यादा है। जानकारी के मुताबिक एक तमीर इंटरसेप्टर मिसाइल की कीमत करीब 40 से 50 हजार डॉलर के बीच होती है, जबकि एक पूरी आयरन डोम बैट्री की लागत लगभग 10 करोड़ डॉलर तक पहुंच जाती है। एक बैट्री में उन्नत रडार, कंट्रोल सेंटर और करीब 20 इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल होती हैं, जो कम दूरी के रॉकेट और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए तैयार रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक सुरक्षा के लिहाज से बेहद कारगर है, लेकिन इसके संचालन और रखरखाव का खर्च इसे एक महंगा रक्षा समाधान बनाता है।
